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राजनीति में जूनियर रहे पीएम मोदी को चंद्रबाबू नायडू ने आखिर क्यों कहा ‘सर’?

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Amravati: आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी पर एकबार फिर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजनीति में उनसे जूनियर रहे पीएम मोदी को उन्होंने एकबार नहीं 10 बार ‘सर’ कहकर संबोधित किया. नायडू ने दलील दी कि उन्होंने पीएम को सर कहकर सिर्फ इसलिए संबोधित किया, ताकि उनके (पीएम मोदी के) स्वाभिमान को संतुष्टि मिले और वो आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दें.

बिल क्लिंटन को भी नहीं कहा ‘सर’

सीएम नायडू ने इस दौरान कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भी उन्होंने कभी सर कहकर नहीं पुकारा. उन्होंने कहा कि जब वो बिल क्लिंटन से मिले तो उन्हें मिस्टर क्लिंटन कहकर बुलाया था नाकि सर. लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद उन्हें 10 बार सर कहकर संबोधित किया, ताकि उनके अहम को संतुष्टि मिले और प्रदेश को अन्यायपूर्ण तरीके से हुए बंटवारे के बाद विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त हो सके.

विशेष राज्य दर्जे को लेकर किया था गठबंधन

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2014 में लोकसभा चुनाव में एनडीए का हिस्सा बनने पर नायडू ने कहा कि, बीजेपी के साथ साझेदारी उन्होंने सिर्फ इस मकसद से की थी कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मिल सके, और राज्य की तरक्की हो. लेकिन जब मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार कर दिया था तो उन्होंने भाजपा से गठबंधन खत्म कर लिया था. सीएम नायडू ने कहा कि मैंने यह फैसला तब लिया जब मैं समझ गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश के साथ न्याय नहीं करेंगे.

इसके साथ ही नायडू ने बताया कि 2002 दंगे के बाद तत्कालीन सीएम रहे नरेंद्र मोदी का इस्तीफा सबसे पहले उन्होंने ही मांगा था. यही वजह है कि नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया. इतना ही नहीं आंध्र प्रदेश के सीएम ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि सरकार तमाम विपक्ष को सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियों के जरिए धमका रही है. जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने मोदी से समझौता किया तो उनके खिलाफ केस वापस ले लिया गया. ज्ञात हो कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए बुलाई की सर्वदलीय बैठक में वाईएसआर, कांग्रेस, भाजपा, जन सेना और लेफ्ट दलों ने हिस्सा नहीं लिया था.

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