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चमोली हादसा: मृत श्रमिकों को मुआवजा देने की तैयारी पूरी, 10 लोग अभी भी हैं लापता

एनटीपीसी ने की है मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये देने की घोषणा

Ranchi : चमोली त्रासदी में राज्य के अब भी दस श्रमिक लापता है. केंद्र और उत्तराखंड सरकार की ओर से खुदाई जारी है. वहीं राज्य के अधिकारी भी चमोली में है और स्थिति का जायजा ले रहे हैं. श्रम कंट्रोल रूम की मानें तो श्रमिकों को मुआवजा देने की सारी प्रक्रिया पूरी हो गयी है. लेकिन शव या शरीर का कोई एक अंग नहीं मिल पाने के कारण श्रमिकों की पहचान नहीं हो पा रही. जिससे श्रमिकों के मुआवजा घोषणा में परेशानी आ रही है.

कंट्रोल रूम की मानें तो सभी श्रमिक एनटीपीसी में कार्यरत थे. ऐसे में लोहरदगा और रामगढ़ के श्रम अधीक्षक चमोली में है. जिन्होंने मुआवजा की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है. एनटीपीसी में श्रमिकों को लगाने वाले कांट्रैक्टर ने भी श्रम अधीक्षकों को इसकी जानकारी देते हुए पेपर वर्क पूरा कर लिया है. कोशिश की जा रही है कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार से मिलने वाला मुआवजा परिजनों को मिले.

मुआवजे के लिए डेथ डिक्लेयर होना जरूरी

विभाग की मानें तो चार श्रमिकों के शव मिले हैं. वहीं दस अब भी लापता है. मुआवजा की प्रक्र्रिया पूरी कर ली गयी है. लेकिन शव नहीं मिलने से श्रमिकों का डेथ डिक्लेयर नहीं किया जा रहा. मुआवजा के लिये जरूरी है कि श्रमिकों के डेथ डिक्लेयर हो. जिन चार श्रमिकों के शव मिले है. उन्हें कोशिश की जा रही है कि उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार से जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जायें. शव नहीं मिलने पर शरीर का कोई अंग मिलने पर डीएनए टेस्ट करके भी मुआवजा दिया जा सकता है.

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रजिस्टर्ड होने पर डेढ़ लाख और अन रजिस्टर्ड को मिलेंगे एक लाख

श्रम विभाग के अपर श्रमायुक्त श्याम सुंदर पाठक ने बताया कि राज्य सरकार से मुआवजा मिले इसके लिये मजदूरों का रजिस्टर्ड होना जरूरी है. उत्तराखंड सरकार, केंद्र सरकार और एनटीपीसी से मुआवजा तो मिलेगा ही. लेकिन राज्य में रजिस्टर्ड मजदूरों को डेढ़ लाख और अन रजिस्टर्ड मजदूरों को एक लाख मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है. इसके लिये परिजनों को डीसी कार्यालय में दावा करना होगा. जिला प्रशासन की ओर से इस पर प्रक्रिया की जायेगी.

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अब तक चार शव हुए हैं बरामद

सात फरवरी को उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर पिघलने से त्रासदी आयी. घटना को सोलह दिन हो गये. चमोली में मलबा खुदाई जारी है. इसमें राज्य के 14 लोग लापता हुए थे. इनमें से चार के शव मिले हैं. एक लोहरदगा के विक्की भगत, ज्योतिष बाखला, सुनील बाखला और बोकारो से अमृत महतो है. विक्की भगत का शव शनिवार देर रात लोहरदगा पहुंचा. अन्य तीन का शव रविवार को मिले हैं. इन्हें राज्य पहुंचने में कुछ समय लगेगा.

कंट्रोल रूम की मानें तो एनटीपीसी चमोली में रामगढ़ के चार और लोहरदगा से अब भी छह लोग लापता है. बता दें श्रमिकों के परिजन को एनटीपीसी की ओर से 20 लाख, केंद्र सरकार की ओर से दो लाख और उत्तराखंड सरकार की ओर से चार लाख मुआवजा देने की घोषणा की गयी है. इसमें अन्य उम्र समेत अन्य मानकों को भी देखा जायेगा.

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