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जामताड़ा : नाव हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिये चमेली देवी ने मांगा 10 लाख का मुआवजा

Ranchi/Jamtara: जामताड़ा के विरगांव में बराकर नदी में हुई नाव दुर्घटना के चौथे दिन रविवार देर शाम तक कुल 7 शव बरामद किए गए है. इस तरह अब तक कुल 8 लोगों की लाशें नदी से निकाली जा चुकी हैं. इसमें से एक की पहचान पंजनिया गांव के विनोद मोहली (पिता-जयलाल मोहली) के रूप में की गई है. साथ ही एक महिला और बच्ची का शव भी मिला है. शनिवार को एक महिला का शव मिला था. अन्य की खोज में जामताड़ा और धनबाद निरसा के पदाधिकारी लगे हुए हैं. इसी कड़ी में जामताड़ा के मेझियां, पंजानिया और मोमिन टोला में इस घटना में लापता हुए लोगों से मिलने विष्णु भैया मेमोरियल फ़ाउंडेशन की मुख्य संरक्षक और समाजसेवी चमेली देवी पहुंची. उन्होंने पीड़ितों से मिलकर उनके परिवार की व्यथा सुनी. हर मुमकिन सरकारी सहायता का आश्वासन दिया. चमेली देवी ने कहा कि पीड़ितों के दुःख को मिटाना मुश्किल है पर उनका दर्द बांटा जाना चाहिये. मोमिन टोला के एक 16 साल किशोर हासिमुद्दीन को ढांढस दिया. इस घटना में इस बालक का पूरा परिवार ही खत्म हो गया है. चमेली ने लापता लोगों की खोज और सघनता से करने की मांग की. इसके लिए एनडीआरएफ़ के गोताखोरों की टीम भी बुलानी चाहिए. गोताखोरों के माध्यम से लोगों को ढूंढा जाये. सरकार मृतकों को दस लाख रुपये मुआवजा दे. इसके अलावा उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी भी.

Sanjeevani

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पुल के अभाव में चुनौती

चमेली देवी ने पुल नहीं बन पाने को दुखद बताया. कहा कि वर्ष 2006 में पूर्व विधायक (स्वर्गीय) विष्णु भैया के कार्यकाल के दौरान 36 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण शुरू हुआ था परंतु कुछ प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक अस्थिरता के कारण इसका निर्माण नहीं हो पाया. आज पंद्रह वर्ष से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल न बन पाना वर्तमान सरकार से कई ज़्यादा पूर्ववर्ती सरकारों की विफलता है. पूर्व की सरकार अगर इस पुल का निर्माण कर देती तो आज यह हादसा नहीं होता.

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