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झारखंड में किसानों के लिए बनेगा चेंबर ऑफ फार्मर्स

  • कृषि विभाग का प्रस्ताव लगभग तैयार
  • चेंबर की मदद से किसानो के उत्पाद का मिल सकेगा उचित मूल्य

Ranchi: झारखंड के किसानों को बेहतर बाजार और उनके उत्पाद को उचित मूल्य दिलाने के लिए एक नयी पहल की जा रही है. किसानों के लिए अब ‘चेंबर ऑफ फार्मर्स’ खोला जायेगा. इस प्लेटफॉर्म के तहत किसान अपनी समस्या को भी रख सकेंगे.

कृषि विभाग की ओर से चेंबर ऑफ फार्मर्स खोलने को लेकर प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया गया है. विभाग की ओर से दूसरे राज्यों में भी किसानों मिल रही विभिन्न तरह के सहायता का भी अध्ययन किया जा रहा है.

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख बताते हैं कि राज्य के करीब 38 लाख किसानों के संपूर्ण विकास के लिए यह पहल की गयी है. किसान हमेशा अन्नदाता के रूप में देखे जाते हैं लेकिन जब उन्हें अपने उत्पाद बाजार में बेचना पड़ता है तो हमेशा ही बिचैलियों के बीच फंस जाते हैं. लेकिन चैंबर ऑफ फार्मर्स एक ऐसा मंच होगा जिसकी मदद से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिल सकेगा. साथ ही इसी के माध्यम से भी बिचैलियों पर नकेल कसी जा सकेगी.

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चेंबर के माध्यम से सब्जियों व फलों के एमएसपी तय किये जा सकेंगे

चेंबर ऑफ फार्मर्स की मदद से फलों व सब्जियों के एमएसपी तय किए जा सकेंगे. विभागीय सूत्रों के अनुसार किसानों के चेंबर से फलों व सब्जियों की गुणवक्ता तय की जा सकेगी, जिसके आधार पर विभाग सब्जियों के एमएसपी तय करेगा.

साथ ही साथ चेंबर द्वारा किसानों की पूरी सूची उपलब्ध होगी और यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि राज्य में कितने किसान फल व सब्जियों की खेती करते हैं. इस बीच किसी वजह से किसी किसान को लाभ नहीं मिल पाता है तो उसकी बातों को चेंबर के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा.

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अभी क्या समस्या होती है किसानों को

अभी किसानों के सामने वही पुरानी समस्याओं से गुजरना पड़ता है. सबसे बड़ी समस्या किसानों को खेती के लिए महंगे दामों में बीज व खाद मिलता है जिसका सीधा असर उनकी खेती पर दिखता है. कोई मंच नहीं होने के कारण किसानों की पीड़ा दबी रह जाती है.

इसके अलावा उनके कई तरह की समस्याओं का निवारण करने कभी नेता भले ही आ जाते हों लेकिन कोई स्थायी मंच नहीं है.

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