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चक्रधरपुर  : बदमाशों ने पेट्रोल डाल युवती को जलाया, 12 दिन बाद अस्पताल में हुई मौत, पहले भी कर चुके थे दो बार कोशिश, मगर शिकायत पर पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

Jamshedpur : चक्रधरपुर रेलवे कालोनी में एक युवती को तीन बदमाशों ने पेट्रोल डालकर जला दिया. भीषण पीड़ा में 12 दिन तक मौत से जूझने के बाद आखिरकार सोमवार को युवती ने दम तोड़ दिया. बदमाश पहले भी दो बार ऐसा प्रयास कर चुके थे. युवती के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने दोनों बार मामले की लिखित जानकारी चक्रधरपुर थाना को दी थी, लेकिन थाना ने कोई कार्रवाई नहीं की. आखिरकार युवती को जला दिया गया. मंगलवार को जब युवती की मौत के बाद न्यूजविंग संवाददाता ने चक्रधरपुर के थाना प्रभारी सुमित अग्रवाल से इस बारे में पूछा, तो  उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल को रेलवे अस्पताल से घटना की सूचना प्राप्त हुई थी, पर जब तक पुलिस घायल से मिलती, तब तक उसे बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर कर दिया गया था. इस मामले में शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस शिकायत को गंभीरता से लेती, तो नहीं मरती शुरु हांसदा

मामला चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 स्थित रेलवे कालोनी की पोर्टर खोली का है. तीन लोगों ने मिलकर 35 वर्षीय युवती शुरु हांसदा पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया. आरोपियों ने इसके पूर्व भी दो बार शुरु को पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया था, लेकिन वह बच गयी थी. परिजनों ने पूर्व में इसकी शिकायत चक्रधरपुर थाने में भी की थी, पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. इसका नतीजा ये हुआ कि शुरु को अपनी जान गंवानी पड़ी. इतना ही नहीं, घटना के बाद परिजन शुरु को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर घूमते रहे अंत में टीएमएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इस मामले में शुरु की मां सोमारी हांसदा ने टीएमएच के पुलिस शिविर में पुलिस को कार्रवाई के लिए एक लिखित शिकायत की है.

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28 अप्रैल को तड़के 3 बजे पेट्रोल डालकर लगा दी थी आग

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पार्टर खोली निवासी शुरु हांसदा की मां सोमारी हांसदा ने बताया कि 28 अप्रैल तड़के 3 बजे को वह घर में परिवार के अन्य लोगों के साथ सोई हुई थी. तभी रिटायर्ड कॉलोनी प्रभात टॉकीज के पास रहने वाले अर्जुन सामद ने अपने साथी अमित बांड्रा और कड़िया बांड्रा के साथ मिलकर खिड़की से उनकी बेटी के शरीर पर पेट्रोल फेंक दिया और माचिस से आग लगा दी. शरीर में आग लगने से शुरु चीखने लगी. चीख सुनकर वे लोग उठे और कंबल से आग को बुझाने का प्रयास किया. तब तक आग लगाने वाले तीनों बदमाश भागने लगे. परिजनों ने उन्हे पकड़ने का भी प्रयास किया, पर वे लोग हाथ नहीं आए. शुरु को तत्काल इलाज के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां बेहतर अस्पताल के लिए उसे चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. 29 अप्रैल को चाईबासा सदर अस्पताल से शुरु को रेलवे अस्पताल और फिर वहां से 30 अप्रैल को टीएमएच रेफर कर दिया गया. टीएमएच में इलाज के दौरान 9 मई को उसकी मौत हो गयी.

11 अप्रैल को और 17 अप्रैल को भी हुआ था जलाने का प्रयास

शुरु हांसदा की मां सोमारी हांसदा ने बताया कि घटना के पूर्व 11 अप्रैल को और 17 अप्रैल को भी शुरु पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया गया था. प्रयास के बाद थाना में लिखित शिकायत भी की गई थी पर पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की थी.

चक्रधरपुर थाना प्रभारी ने शिकायत की जानकारी से किया इंकार

28 अप्रैल को घटी इस घटना और परिजनों द्वारा थाने में पूर्व की दो घटनाओं की शिकायत के बारे में पूछे जाने पर चक्रधरपुर थाना प्रभारी सुमित अग्रवाल ने ऐसी किसी शिकायत की जानकारी से इंकार किया. थाना प्रभारी ने कहा कि ऐसी कोई भी शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है.

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