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चक्रधरपुर: राटा पूजा में महिलाओं की उमड़ी भीड़, हल्दी के साथ माता शीतला की हुई पूजा, दो वर्षों के कोरोना काल के बाद भक्त कर सकेंगे माता के विभिन्न रूपों का दर्शन

Chakradharpur : राटा पूजा के साथ शीलता माता पूजा की हुई शुरूआत. राटा पूजा शीतला माता पूजा के 5 दिन पहले की जाती है. इस अवसर पर विशेष अनुष्ठान के साथ पूजा-अर्चना कर राटा में महिलाओं के द्वारा हल्दी लगाया जाता है. यह पूजा शादीशुदा जोड़ी के द्वारा ही की जाती है. पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ सभी महिलाएं एकत्रित होकर धूमधाम से माता की पूजा करते हैं. इसके साथ ही एक विशेष परंपरा का पालन पूरे मोहल्ले वासियों के द्वारा किया जाता है. पूरे वार्ड वासी राटा पूजा से लेकर माता शीतला पूजा के विसर्जन तक अपने-अपने घर को छोड़ दूसरे जगह नहीं जाते हैं. अगर किसी विशेष काम से उन्हें जाना भी पड़े तो रात्रि से पहले अपने घर वापस लौट जाते हैं. मौके पर बीजे राव, बी प्रभाकर राव, आर हरीश श्रीनिवास, डिक्की राव, रोहित कुमार, तुलसी रवानी, सी अप्पा राव, एस एस कामराज, एन रवि के साथ कमेटी के सदस्य मौजूद थे.

दो वर्षों के बाद माता शीतला पूजा में उमड़ेगी भक्तों की भीड़

रेलवे लोको कॉलोनी में आगामी 27 मई से माता शीतला की पूजा आरंभ होने जा रही है, तथा 31 मई को विसर्जन है. पिछले दो वर्षों से कोरोना का प्रकोप रहने के कारण माता पूजा भव्य रूप से नहीं की जा रही थी. इस वर्ष पूजा कमेटी के द्वारा पूजा का आयोजन भव्य रूप से करने की तैयारियां की जा रही है. माता के मंदिर का रंगरोगन भी किया जा रहा है.

माता पूजा के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं मां

5 दिवसीय शीतला माता पूजा में पहले दिन माता शीतला अपने शीतला रूप में भक्तों को दर्शन देती हैं. इसके साथ दूसरे और तीसरे दिन माता रूप बदलती रहती हैं. चौथे दिन माता महाकाली के रूप में भक्तों को दर्शन देती हैं.

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