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बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष और सीडब्ल्यूसी के सदस्य ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

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Ranchi : बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), रांची के सदस्य श्रीकांत कुमार ने गुरुवार को सदर अस्पताल, रांची का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने सदर अस्पताल परिसर में नवजात बच्ची की पायी गयी लाश के संबंध में जानकारी हासिल की. सदर अस्पताल कर्मियों ने उन्हें बताया कि गुरुवार की सुबह एक महिला और पुरुष झोले में रखे नवजात बच्ची के शव को सिविल सर्जन, सदर रांची के कार्यालय के सामने गेट के नीचे से फेंककर चलते बने. अस्पताल कर्मी कुछ चीजें फेंके जाने पर आवाज देने लगे, तो दोनों भाग गये. जब सदर अस्पताल के लोगों ने पास आकर देखा, तो बच्ची को देख अस्पताल में उपस्थित डॉक्टर को सूचित किया. डॉक्टर ने बच्ची की जांच की तथा उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर का कहना था कि बच्चे का शरीर देखने से ही प्रतीत हो रहा है कि उसकी मौत बहुत पहले हो चुकी है तथा उसकी लाश को ठिकाने लगाने की नीयत से अस्पताल परिसर में फेंका गया. साथ ही यह भी बताया कि बच्ची की डिलीवरी किसी अस्पताल में हुई प्रतीत नहीं होती है. लाश की स्थिति देख संभावना है कि बच्चे की डिलीवरी घर में ही हुई होगी.

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बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष और सीडब्ल्यूसी के सदस्य ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

पालना को सुरक्षित जगह पर रखने का दिया निर्देश

आयोग की अध्यक्ष और बाल कल्याण समिति के सदस्य ने सदर अस्पताल परिसर में रखे पालना, शिशु वार्ड का भी निरीक्षण किया तथा पालना में जमी धूल की परत देख सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिस कंडीशन में और जिस जगह में पालना रखा हुआ है, ऐसी स्थिति में तो कोई भी व्यक्ति अपने बच्चे को पालना में छोड़ नहीं पायेगा. इसलिए पालने को ऐसी विजिबल जगह पर रखा जाये, जहां लोगों की पहुंच हो और जो बच्चा छोड़ना चाहे, तो आसानी से छोड़ सके. साथ ही पालने को सुरक्षित जगह में रखने तथा पालने और बच्चे की सुरक्षा की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया. अस्पताल प्रबंधन को अपने कर्मियों में से किसी को भी जवाबदेही फिक्स करने का निर्देश दिया तथा अस्पताल प्रबंधन ने इस पर त्वरित कार्रवाई करने तथा ओपीडी के सामने सुरक्षित जगह में पालना रखने एवं अपने कर्मियों में से किसी पर जवाबदेही फिक्स करने के साथ आयोग को सूचित करने का भरोसा दिया. टीम ने शिशु वार्ड का निरीक्षण किया तथा शिशु वार्ड के खाली रहने कारण सिविल सर्जन से पूछा. सिविल सर्जन ने बताया कि एनआईसीयू की यूनिट अभी तक सदर अस्पताल में नहीं है, लेकिन बहुत जल्द ही सदर अस्पताल में इसकी यूनिट खुल जायेगी. सभी आधुनिक उपकरण से लैस होने के बाद बच्चों के इलाज में गति आयेगी.

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