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झारखंड गठन की खुशी का गवाह बना था चाईबासा का शहीद पार्क चौक, 20 साल से यहां होता है समारोह

Chaibasa :  झारखंड अलग राज्य निर्माण के दीर्घकालीन आंदोलन के बाद 15 नवंबर 2000 को अलग झारखंड राज्य के निर्माण की घोषणा की गयी. झारखंड राज्य निर्माण के फैसले की घोषणा 15 नवंबर, 2000 के पूर्व ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्ववाली एनडीए सरकार ने पूर्व में ही कर दी थी. केंद्र सरकार के इस निर्णय को देखते हुए चाईबासा में आजसू , झारखंड मुक्ति मोर्चा एवं सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों ने अलग नये झारखंड राज्य के स्वागत की तैयारी शुरु कर दी. इसी के तहत शहीद स्मारक समिति, चाईबासा के बैनर तले शहीद पार्क चौक पर बिरसा जयंती एवं झारखंड के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पण करते हुए झारखंड स्थापना दिवस मनाने का निर्णय लिया गया.

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15 नवंबर, 2000 को तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने रांची के मोहराबादी मैदान में औपचारिक रूप से अलग झारखंड राज्य बनने की घोषणा की थी. तय कार्यक्रम अनुसार शहीद पार्क चौक,. चाईबासा में एक विशाल शिला स्थापित कर आंदोलनकारी वीर शहीदों को आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-पाठ कर श्रद्धांजलि दी गई और बिरसा जयंती एवं स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया था. सन 2000 से शुरू की गई ये परंपरा पिछले 20 वर्ष से निरंतर चली आ रही है.  इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य रूप से दामू बानरा, आसमान सुंडी, कृष्णा सोय, अमित जायसवाल, बाबू अहमद, ब्रजकिशोर सिंकू,नरेश देवगम, शिवकुमार सुम्बुरुई, संजय कुशल, दयानंद मलुवा, जयकिशन सलबुनिया, थॉमस लियंगी, राजेश खंडयत, जयद्रथ दोगों, बलभद्र सुंडी, साधुचरण कुंट्टिया, दीपक विश्वकर्मा, अजय महतो, दिनेश विश्वकर्मा,गणेश दास, मिश्रीलाल सिंकू, नरेश सेवईयां, सुरेश कलूंडिया, नारायण देवगम, लिम्बुसिंह दोंगो, राजेश बानरा, स्व आनंद हेम्ब्रोम, स्व भीष्मदेव सिंह,स्व रामसिंह सोय आदि ने की थी.

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