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चाईबासाः विधेयक में वर्णित बाजार शुल्क के प्रावधान को अविलंब निरस्त किया जायेः चेंबर

Chaibasa : चाईबासा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने चेंबर अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से परिसदन में मुलाकात की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बाबूलाल मरांडी को विगत 25 मार्च को झारखंड विधानसभा द्वारा पारित कृषि उपज व पशुधन विपणन विधेयक-2022 के अंतर्गत बाजार शुल्क 2 प्रतिशत के अवांछित प्रावधान के विरोध में 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा एवं जिले के व्यवसाइयों की तरफ से यह मांग रखी कि विधेयक में वर्णित बाजार शुल्क के प्रावधान को अविलंब निरस्त किया जाये. ज्ञापन में बिंदुवार रूप से आने वाली परेशानियों का वर्णन करते हुए बताया गया कि जिस बाजार शुल्क को वर्ष 2015 में अनुपयोगी व अनावश्यक मानते हुए समाप्त कर दिया गया था. पूण वर्ष 2022 में इसे झारखंड राज्य के व्यवसाइयों पर थोपा जाना न्यायसंगत नहीं है. इस वधेयक के लागू होने से संपूर्ण राज्य में महंगाई बढ़ेगी साथ ही बेरोजगारी एवं पलायन भी बढ़ेगा. प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, निवर्तमान अध्यक्ष नितिन प्रकाश, संस्थापक अनूप कुमार सुल्तानिया, उपाध्यक्ष विकास गोयल सचिव संजय चौबे, सयुंक्त सचिव नितिन अग्रवाल, दुर्गेश खत्रि एवं कोषाध्यक्ष आदित्य सारदा उपस्तिथ थे.

विधेयक लागू होने से पड़ोसी राज्यों को सीधा लभ

गौरतलब हो कि इस विधेयक के लागू होने से पड़ोसी राज्य क्रमशः ओड़िशा, बिहार, बंगाल एवं छत्तीसगढ़ के व्यवसाइयों को सीधा लाभ पहुंचेगा. वहीं दूसरी और राज्य में कृषि उपज से संबंधित उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इतना ही नहीं भ्रष्टाचार व अफसरसाही में इजाफा होगा. मधुसूदन अग्रवाल ने बताया कि विधेयक के प्रभाव में आने की परिस्तिथि में चाईबासा चेंबर के साथ-साथ जिला का संपूर्ण व्यवसायी वर्ग इसका पुरजोर विरोध करेंगा.

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वर्षों से रेल सुविधा से वंचित हैं लौहांचल
चाईबासा चेंबर के प्रतिनिधिमंडल ने श्री मरांडी को वर्षों से रेलवे सुविधा से वंचित एवं उपेक्षित रहे कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों की असुविधाओं से अवगत कराते हुए कोरोना संक्रमण काल के दौरान बंद की गयी ट्रेनों का अविलंब परिचालन एवं नयी दिल्ली, कोलकाता एवं पूरी मार्ग में आवागमन को लेकर ज्ञापन में वर्णित ट्रेनों के मार्ग में आवशयक परिवर्तन करने की मांग की. चाईबासा चेंबर द्वारा विगत 14 वर्ष से लंबित शहरी पेय जलापूर्ति योजना में विलंब के विषय में भी अवगत कराया गया. साथ ही पश्चिमी सिंहभूम जिले में बंद पड़ी खदानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. उपरोक्त सभी तथ्यों को पूर्व मुख्यमंत्री ने गंभीरतापूर्वक सुना. जिसके बाद उन्होंने चाईबासा चेंबर के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विधेयक के विषय में वे विभागीय मंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे तथा ट्रेनों के परिचालन एवं ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री से चर्चा कर समाधान निकलने का प्रयास करेंगे.

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