ChaibasaJharkhand

चाईबासा: युवाओं की टोली संवार रही असहाय बुजुर्गों की जिंदगी, हर तरफ हो रही तारीफ

Chaibasa : कहते हैं युवा देश के भविष्य होते हैं. युवा अगर चाहें तो समाज की तकदीर बदल सकते हैं. चाईबासा में युवाओं की टोली कोरोना संकट काल में गरीबों और असहाय बुजुर्गों की मदद कर रहे हैं. ये युवा जाति-धर्म को छोड़ बस सबकी सेवा में लगे हैं. इन युवाओं की तारीफ सब तरफ हो रही है.ये युवा हैं नेहा निषाद,पूनम झा,बंटी पांडे,सुधांशु शेखर,छोटी राम और मनीष निषाद.

Jharkhand Rai

इसे भी पढ़ें – अलविदा सुशांत: मुंबई में हुआ अंतिस संस्कार, नम आंखों से दी गई विदाई

संतानहीन दंपत्ति की मदद कर मिली खुशी – टीम

ये युवा अब तक सैकड़ों गरीब बच्चों को तक सहायता पहुंचा चुके हैं. शहर के महुलसाई में गरीब दंपत्ति रहता है. उनका कोई नहीं है. घर की स्थिति ऐसी थी कि 30 सालों से उनके घर की सफाई तक नहीं हुई है. जब इसकी जानकारी इन युवाओं को हुई, तो वे सीधे उनके घर पहुंचे और साफ-सफाई में जुट गये.

इस दंपत्ति के घर के हर कोने की सफाई इन युवाओं ने देखते-देखते कर दी. कई वर्षों से गंदे पड़े बिछावन को हटाकर युवाओं ने नयी की व्यवस्था कर दी. इतना सब करने के बाद समय काटने के लिए सभी ने मिलकर एक रेडियो भी खरीदकर दंपत्ति को दी.

Samford
चाईबासा: युवाओं की टोली संवार रही असहाय बुजुर्गों की जिंदगी, हर तरफ हो रही तारीफ
युवाओं की टीम के द्वारा संवारा गया दंपत्ति का घर

इस नेक कार्य के बारे में नेहा निषाद ने बताया कि उस पल की खुशी बयां कर पाना मुश्किल है. जब एक संतानविहीन बुजुर्ग दंपत्ति ने हमें अपनी संतान कहा. नेहा ने कहा कि 75 वर्षीय गरीब दंपत्ति रोजी-रोटी कमाने में लाचार थे. 30 साल से घर की सफाई तक नहीं हुई थी. ना घर में पंखा था, ना एक अदद चूल्हा. फिर क्या हमने पैसा इक्टठा किया और लग गये काम पर. नेहा ने कहा कि वे खुश तो हम भी खुश.

इसी तरह शहर के गुटूसाई मुहल्ले में युवा पहुंचे और जन्म से ही नेत्रहीन दादी अम्मा की मदद की.  दादी के पास ना तो राशन कार्ड है और ना ही पेंशन का सहारा. उनके घर की छत बारिश में टपकती है. नहाने तक के लिए कोई जगह नहीं थी.

इसकी खबर लगते ही युवा टोली दादी के घर पहुंची. मिलकर फंड इक्टठा करके घर की मरम्मत कर दी. युवाओं की टीम ने बताया कि इस काम में 3650 रूपये खर्च हुए, जो सबके आपसी सहयोग से हुआ.

इसे भी पढ़ें – CoronaUpdate: झारखंड में संक्रमण से नौंवी मौत, रांची से एक नया केस मिलने के साथ ही आंकड़ा हुआ 1762

काम देखकर 40 लोग जुड़ गये ग्रुप में

इस ग्रुप की युवा नेहा ने बताया कि हमारा न तो किसी राजनीतिक दल से और ना ही किसी संस्था से कोई ताल्लुक है. बस सेवा भाव से हम मदद के लिए आगे आये हैं. कहा कि आगे भी यह कार्य चलता रहेगा. अच्छी बात तो यह है कि हमारा काम देख लगभग 40 लोग अब तक हमारे ग्रुप में शामिल हो गये हैं.

नेहा ने बताया कि एक साथ जुड़े रहने के लिए हमने हेल्पिंग हैंड चाईबासा के नाम से एक वाट्सएप ग्रुप भी बना लिया है. इसी ग्रुप में हम सारी बातें शेयर करते रहते हैं. जिसके पास जो जानकारी आती है, वो इस ग्रुप में शेयर करता है और फिर एकमत होने पर हम उस मिशन को पूरा करने निकल पड़ते हैं.

इसे भी पढ़ें – राज्यसभा चुनावः बीजेपी को लगा झटका, ढुल्लू महतो की औपबंधिक जमानत को अदालत ने किया खारिज

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: