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Chaibasa Naxali Murder : नक्सलियों की प‍िटाई से हो गई थी प‍िता की मौत, अब बेटे काे उतार द‍िया मौत के घाट, सुनिये पत्नी की जुबानी हत्या की कहानी, VIDEO

Jamshedpur : चाईबासा के बंदगांव पंचायत के टेबो थाना क्षेत्र में नक्सलियों की दहशत का क्या आलम है, इसका अंदाजा बुधनाथ हासा की हत्या के बाद के वाकये से लगाया जा सकता है. दरअसल, मंगलवार को नक्सलियों के हाथों मारे गये बुधनाथ हासा पूर्ति का शव लाने घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची. शव लाने के लिए मात्र बुधनाथ हासा के परिजनों को पुलिस की ओर से गाड़ी उपलब्ध करा दिया गया, उसके बाद बुधनाथ का शव लेकर उसके परिजन टेबो थाना पहुंचे. इस बीच बुधनाथ की पत्नी ने माना है कि उसके पति पुलिस की मुखबिरी का काम करते थे. हालांकि, पुलिस की ओर से इस तरह के किसी भी बात की पुष्टि नहीं की गयी है. इधर, थाना पहुंचने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेज दिया. बता दें कि घटनास्थल टेबो थाना से 15 किलोमीटर दूर है, जो घोर नक्सल क्षेत्र में पड़ता है. माना जा रहा है कि इसी कारणवश सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने बुधनाम का शव लाने से अपने पांव पीछे हटा लिये. बुधनाथ पश्चिम सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड के टेबो थाना के रोबोदा गांव का रहनेवाला था.

पत्नी ने कहा- 6 साल से एसपीओ का काम करता था पति
बुधनाथ हासा पूर्ति की पत्नी रामदी हासा पूर्ति ने बताया कि उसका पति पिछले छह साल से पुलिस के लिए एसपीओ का काम करता था. इसके एवज में पुलिस उसे प्रतिमाह छह हजार रुपये की राशि भी देती थी.

आधा दर्जन नक्‍सल‍ियों ने दिया हत्याकांड को अंजाम
उसने बताया कि करीब छह हथियारबंद नक्सलियों ने उसके पति की हत्या की घटना को अंजाम दिया. उस वक्त वह घर से कुछ दूरी पर खेत में काम कर रहे थे. तभी उसे चारों ओर से घेर लिया गया. यह देख उसके पति ने भागने की कोशिश की, लेकिन सिविस ड्रेस में पहुंचे हथियारबंद नक्सलियों ने उन्हें भागने तक का मौका नहीं दिया और करीब सात-आठ गोली चलाई. इससे उसके पति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. घटना को अंजाम देनेवालों ने सिर में गमछा लपेट रखा था और निकर के अलावा कुछ ने ट्रैक सूट पहन रखा था.

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पांच वर्षों से चक्रधरपुर में रहता था बुधनाथ

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पत्नी ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से उसके पति चक्रधरपुर में रहते थे. इस कारण उनकी जान बची हुई थी. हालांकि नक्सली पहले भी उन्हें खोजते हुए गांव आ चुके हैं. उसके बाद नक्सलियों का आना-जाना कम होता देख वह खेत में काम करने के लिए गांव लौटे थे. उसी बीच मंगलवार की सुबह उनकी हत्या कर दी गयी.

बुधनाम को सामने से मारी गई थी पांच गोली
शव के पोस्टमार्टम के बाद साफ हो गया कि नक्सलियों ने बुधनाम को सामने से पांच गोली मारी थी. इसमें उसके सिर पर मारी गयी तीन गोली के अलावा छाती और पेट पर मारी गयी एक-एक गोली शामिल है. उसके सिर से गोली आर-पार हो गयी थी. गोली लगने के बाद बुधनाम की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी.

गांव में किया गया बुधनाथ का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बुधनाथ के शव को परिजनों को सौंप दिया. उसके बाद बुधवार की दोपहर परिजन उसका शव लेकर वापस अपने गांव पहुंचे. वहां उसका अंतिम संस्कार किया गया.

घर का इकलौता कमानेवाला था बुधनाथ
इस हत्याकांड से बुधनाथ हासा पूर्ति के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह घर का इकलौता कमानेवाला सदस्य था, जबकि घर में उसकी पत्नी के अलावा 2 साल का मासूम बेटा मनीष हासा पूर्ति है. दुनिया देखने से पहले ही मासूम के सिर से पिता का साया छिन गया. वहीं बुधनाम का एक छोटा भाई सुखराम हासा पूर्ति भी है. अब परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह सोंचकर घरवाले परेशान हैं.

नक्सलियों की पिटाई से पिता की भी गयी थी जान
पांच साल पहले बुधनाथ की वजह से नक्सलियों ने उसके पिता रतन हासा पूर्ति को दूसरे गांव ले जाकर उनकी जमकर पिटाई की थी और उनका एक हाथ तोड़ दिया था. साथ ही उनके शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोट भी आई थी. इससे रतन हासा अस्वस्थ होकर बेड पर पहुंच गये थे. उनका इलाज भी चल रहा था. हालांकि डेढ़ साल पहले उनकी मौत हो गयी थी.

एसपीओ था या नहीं, जांच का विषय : एसपी
दूसरी ओर पश्चिमी सिंहभूम के एसपी आशुतोष शेखर का कहना है कि बुधनाथ हासा पूर्ति एसपीओ था या नहीं, यह उन्हें मालूम नहीं है. मामला जांच का विषय है. पुलिस इसकी जांच कर रही है.

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