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चाईबासा : पटवारी, डोगरा और परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मी हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में कर रहे फर्जीवाड़ा

बिना कोर्स और ट्रेनिंग के ही बन जाता है लाइसेंस, अनट्रेंड भारी वाहन चालक ले रहे लोगों की जान

Chaibasa : झारखंड में भारी वाहनों से होनेवाली दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन चुकी है. चाईबासा में हाल के दिनों में ही एक एनएसजी कमांडो और एक युवती सहित कई लोगों की मौत इन भारी वाहनों की चपेट में आने से हो चुकी है. इसका एक बड़ा कारण ऐसे लोगों को भी भारी वाहन चलाने का लाइसेंस दे दिया जाना है, जिन्हें ठीक से गाड़ी चलानी ही नहीं आती. भारी वाहनों का लाइसेंस लेने से पहले ट्रेनिंग लेने का नियम है, लेकिन बिना कोर्स पूरा किये सिर्फ ट्रक चलवाने की औपचारिकता पूरी कर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है.

चाईबासा में ऐसे जारी होता है हैवी मोटर वेहिकल का लाइसेंस

वीडियो बनाने के लिए लाइट मोटर वेहिकल (एलएमवी) लाइसेंसधारी आवेदक को किसी मैदान में एक ट्रक के सामने खड़ा कर दिया जाता है. बैकग्राउंड से एक व्यक्ति आवेदक का नाम, पिता का नाम और पता पूछने के बाद पूछता है कि तुम कहां आये हो. आवेदक नाम-पता आदि बताने के बाद बताता है कि वह बीके पटवारी ट्रेनिंग सेंटर, गुमला में ट्रेनिंग के लिए आया है. इसके बाद उसे ट्रक चलाकर दिखाने को कहा जाता है. आवेदक ट्रक चलाकर दिखा देता है और इसका वीडियो बनाकर भेज दिया जाता है. दरअसल यह ट्रेनिंग की प्रक्रिया है ही नहीं. एचएमवी लाइसेंस के लिए पूरे कोर्स का प्रशिक्षण लेना पड़ता है. सूत्रों ने बताया कि चाईबासा कोर्ट में डोगरा नामक व्यक्ति के पास बीके पटवारी ट्रेनिंग सेंटर, गुमला से एक लड़का प्रत्येक मंगलवार को आता है, जिन्हें उक्त वीडियोग्राफी दे दी जाती है  और बन जाता है हेवी मोटर ड्राइविंग लाइसेंस. ऐसे ही अनट्रेंड ड्राइवर दुर्घटना को अंजाम देकर मासूमों की जान ले रहे हैं और अनुभवी ड्राइवर भूखे मर रहे हैं.

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ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कांट्रैक्ट लेना है अपराध

जिन चालकों का पहले से हैवी लाइसेंस है, उनका रिन्यूल सिर्फ आधार कार्ड, फोटो और मोबाईल नंबर लेकर भेज देने से ही ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बन जाता है. क्योंकि रिन्युअल में भी ट्रेनिंग  सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है. सब सिर्फ कागज पर ही हो रहा है. चाईबासा कोर्ट में एक गली में रोज सुबह 8.30 से लेकर शाम 4.30 तक एक लंबे कद के मंडल नामक युवक द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस इकट्ठा किया जाता है. फिर उस युवक के गुरु डोगरा जी भी हाजिर हो जाते हैं. दोनों मिलकर सारा दिन सिर्फ लाइसेंस कलेक्शन का काम करते हैं. नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कांट्रैक्ट नहीं ले सकता है. यह अपराध है. जिला परिवहन विभाग का एक कर्मी और कंप्यूटर ऑपरेटर भी इनका सहयोगी है.

एमवीआई कार्यालय में दो दिन से लटका है ताला

चाईबासा में ड्राइविंग लाइसेंस एवं टेस्टिंग आदि के कार्यों के लिए आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराने के पहले मोटरयान निरीक्षक (MVI) द्वारा इसे अप्रूव किया जाता है, पर मोटरयान निरीक्षक कार्यालय में दो दिन से ताला लटका हुआ है. लोग दो दिन से कार्यालय आकर परेशान लौट रहे हैं. परिवहन विभाग में फैली अव्यवस्था के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कागजात को अप्रूव कराने एवं चेक कराने के नाम पर स्वार्थ सिद्धि के लिए कर्मचारियों द्वारा लोगों को परेशान किया जा रहा है.

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