ChaibasaJharkhandNEWS

चाईबासा : पथ निर्माण विभाग की 40 फीट सड़क पर कब्जा, अवैध तरीके से मकान-दुकान बनायी, विभाग मौन

अंचल कार्यालय में चल रही है पथ चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के नामांतरण की कोशिश, कार्रवाई नहीं होगी तो सरकार को देना पड़ेगा दोबारा मुआवजा

Aman Verma

Chaibasa : एक ओर सरकार द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण कर भूस्वामियों को मुआवजा राशि दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित की गयी भूमि की खरीद-बिक्री कर कब्जा कराया जा रहा है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत चाईबासा, सेरेंगसिया, कोचढ़ा होते हुए जगन्नाथपुर-जैंतगढ़ जाने वाली करीब 75 फीट चौड़ी सड़क में से 40 फीट पर लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान व दुकान बना लिया है, लेकिन विभाग मौन है. इधर जमीन लेने वाले लोग स्थानीय अंचल कार्यालय के कर्मियों से सांठगांठ कर पथ निर्माण विभाग की जमीन का म्यूटेशन कराने के जुगाड़ में हैं. हालांकि अधिग्रहित जमीन का नामांतरण कानूनी रूप से संभव नहीं है, लेकिन यदि फर्जीवाड़ा कर नामांतरण हो गया, तो सरकार को एक ही जमीन लेने के लिए दोबारा मुआवजा राशि देनी पड़ेगी अथवा कानूनी प्रक्रिया में जाना पड़ेगा. इतना सब होने के बाद भी पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को कोई चिंता नहीं है. यहां तक कि विभाग के स्तर से अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन के साथ किसी प्रकार का पत्राचार भी नहीं किया गया है.

मधु कोड़ा के आरईओ मंत्री रहते हुआ था निर्माण

Catalyst IAS
ram janam hospital

मधु कोड़ा जब आरईओ मंत्री थे, उसी समय जैंतगढ़ व जगन्नाथपुर होते हुए सेरेंगसिया से चाईबासा मार्ग पर करीब 50 किमी सड़क का निर्माण कराया गया था. 70 फीट चौड़ी सड़क के लिए रैयतदारों को सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा भी दे दिया गया है. हलांकि जगन्नाथपुर पंचायत के लोगों को मुआवजा नहीं मिला है, क्योंकि विभाग द्वारा मुअवाजे की प्रक्रिया अभी तक लंबित है. इधर पथ निर्माण विभाग ने जमीन अधिग्रहणॉ के बाद सीमांकन के लिए पोल भी गाड़ दिया, लेकिन भूस्वामियों द्वारा सड़क से सटी जमीन को बेच देने के कारण 40 फीट सड़क पर कब्जा हो गया है. इससे रोड संकीर्ण होती जा रही है

The Royal’s
Sanjeevani

फोन करने पर रांग नंबर कहते हैं सहायक अभियंता

इस मामले को लेकर जब पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से जानकारी लेने के लिए फोन किया गया, तो उन्होंने  रांग नंबर कहकर फोन काट दिया. दोबारा फोन करने पर फोन रिसीव नहीं किया.

इसे भी पढ़ें – चांडिल : अग्रवाल बंधुओं की वादाखिलाफी से बिफरे ग्रामीण, कहा – वापस मांगेंगे बिहार स्पंज की जमीन

Related Articles

Back to top button