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चाईबासा : माता-पिता को खो चुके सोनुवा के आयुष को मिला परिवार, जिला प्रशासन बना पालनहार

Chaibasa :  माता-पिता को खो चुका सोनुवा प्रखंड का 12 साल के आयुष की परवरिश का जिम्मा पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन ने उठाया है. हालांकि आयुष माता-पिता के निधन के बाद जिस परिवार के साथ रह रहा था, प्रशासन ने उसे उन्हीं के साथ रहने की अनुमति दी है. आयुष के पिता की मृत्यु 9 वर्ष पूर्व हुई थी. उसके बाद से वह अपनी मां के साथ रहता था. लेकिन पिछले 13 अप्रैल को उसकी मां भी चल बसी. उसके बाद से वह पूरी तरह बेसहारा हो गया. बच्चे को पड़ोस में रहनेवाले सेवानिवृत्त शिक्षक के परिवार ने रखा है.  इसकी जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त अनन्य मित्तल ने जिला बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर संजय प्रसाद और चाइल्डलाइन के समन्वयक अनन्त प्रधान से रिपोर्ट मंगायी. दोनों ने अपनी रिपोर्ट में रहा कि आयुष काफी समय से समय से सेवानिवृत्त शिक्षक के परिवार के साथ रह रहा है. यह परिवार समय-समय पर आयुष परिवार की देखभाल भी करता रहा है. अतः बच्चे को उसके गांव रखकर ही पारिवारिक माहौल देना उचित होगा.

देखभाल के लिए हर माह मिलेंगे दो हजार रुपये

रिपोर्ट के आधार पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी तथा जिला सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बाल कल्याण समिति की अनुशंसा पर आयुष को परिवार आधारित देखभाल के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक के परिवार को सौंपने का फैसला लिया गया. यह परिवार आयुष की फॉस्टर फैमिली बनेगा. इससे उसमें सृजनात्मक माहौल विकसित हो पायेगा. जिला प्रशासन की निगरानी में बच्चे का फ़ॉलो-अप होगा. इस कार्यक्रम से जुड़ने के बाद बच्चे को पढ़ाई, कोचिंग एवं स्वास्थ्य की देखरेख के लिए प्रतिमाह 2000 रुपये दिये जायेंगे. फिलहाल आयुष को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है. सोमवार को जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी की उपस्थिति में आयुष की फॉस्टर फैमिली के घर का भौतिक निरीक्षण किया गया. इस दौरान मौके पर पुलिस प्रशासन, चाइल्ड लाइन टीम एवं काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

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