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चाईबासा के एएसपी अभियान मनीष रमण पर नक्सलियों से सांठगांठ का आरोप, काम से हटाये गये

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Saurabh Singh

Ranchi: चाईबासा जिला के एएसपी अभियान मनीष रमण पर कथित रूप से नक्सलियों से सांठगांठ के आरोप लगे हैं. खुफिया विभाग की एक सूचना पर पुलिस मुख्यालय ने एएसपी अभियान को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके साथ ही सरकार ने एएसपी अभियान मनीष रमण को हटाने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी. राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार गृह विभाग से इस संबंध में आयी फाइल को साक्ष्य न होने औऱ आरोप की पुष्टि नहीं हो पाने की वजह से वापस कर दिया गया.

चाईबासा जिला में एएसपी अभियान को किसी भी तरह के काम से अलग कर दिया गया है. चाईबासा में 12 मई को लोकसभा चुनाव है.चुनाव के मद्देनजर 10 मई को चुनाव आयोग व सरकार के अफसरों की टीम चाईबासा गयी थी. टीम ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी, इस दौरान भी मनीष रमण के मामले पर चर्चा हुई थी.

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एएसपी रैंक के अफसर की नक्सलियों से सांठगांठ का झारखंड में यह पहला मामला है. फिलहाल इस मामले में पुलिस मुख्यालय व सरकार के अधिकारी कुछ भी कहने से परहेज कर रहे हैं. लेकिन दो अधिकारियों ने ऑफ द रिकॉर्ड इस खबर की पुष्टि की है.

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गंभीर है सांठगांठ का मामला

चाईबासा जिला नक्सल प्रभावित जिला है. इस जिले के किसी अधिकारी, खास कर नक्सल अभियान से जुड़े अधिकारी का नक्सलियों या उग्रवादियों से सांठगांठ होना गंभीर मामला है. इससे पुलिस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. एएसपी अभियान का पद इस लिये ही जिलों में सृजित किया गया है, कि वह नक्सल अभियान को सुचारू रूप से चलायेंगे. एएसपी अभियान को ना सिर्फ अपने जिले की बल्कि आसपास के जिलों के नक्सली मूवमेंट व पुलिस की कार्रवाई व रणनीति की जानकारी होती है.

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नक्सलियों को ट्रैक करने के दौरान मिली जानकारी

बहरहाल, इस मामले की जानकारी पुलिस मुख्यालय को एक खुफिया रिपोर्ट से मिली. सूत्रों के मुताबिक खुफिया विभाग के स्तर से चाईबासा व सरायकेला-खऱसावां जिला के कुछ नक्सलियों को ट्रैक किया जा रहा था. इसी दौरान यह तथ्य सामने आय़ा कि पुलिस का ही एक अधिकारी नक्सलियों से मिला हुआ है. पिछले दिनों सरायकेला जिला में हुए नक्सली-पुलिस मुठभेड़ के दौरान भी कथित रूप से इसी अधिकारी की सूचना पर ही नक्सली भागने में सफल रहे थे. इस घटना में पुलिस ने 18 वर्षीय एक महिला नक्सली को गिरफ्तार भी किया था.

सीनियर अफसरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में

एएसपी मनीष रमण के मामले में विभाग के सीनियर अफसरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. क्योंकि एएसपी अभियान मनीष रमण 4 साल से अधिक समय से चाईबासा जिला में पोस्टेड हैं. आचार संहिता लागू होने के बाद जब तमाम अधिकारियों का तबादला किया गया, तब भी मनीष रमण को किस वजह से नहीं हटाया गया.

इस खबर के बारे में एएसपी मनीष रमण से पक्ष लेने की कोशिश की गयी. पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

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