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किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले दलों को डरा रही केंद्र सरकार : वृंदा करात

किसान विरोधी नीति के विरोध में सीपीआइएम करेगा विरोध प्रदर्शन

Ranchi : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (राज्य कमेटी) की बैठक रविवार को हुई. जिसमें झारखंड प्रभारी वृंदा करात ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऑनलाइन संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के किसान और मजदूर विरोधी कदमों का विरोध किया जायेगा. सड़क में आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन नीतियों का विरोध करने वाले विपक्षी दलों को डराने की कोशिश कर रही है. आंदोलन में राज्य के मुद्दे को भी शामिल किया जायेगा. यह आंदोलन पंद्रह दिनों तक चलेगा. जिसमें कोरोना के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था समेत अन्य मुद्दे होंगे.

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स्वास्थ्य व्यवस्था में हस्तक्षेप करे सरकार

राज्य की स्थिति पर वृंदा करात ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था में हस्तक्षेप करना चाहिए. राज्य सरकार ने निजी टेस्ट लैब में जांच का शुल्क कम करने की घोषणा की है. लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों से ईलाज के नाम पर भारी राशि वसूले जाने का सिलसिला जारी है. राज्य सरकार इसमें अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पा रही है. सरकारी अस्पतालों की भी स्थिति ठीक नही है. कोरोना के गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा दुसरी बीमारी से ग्रस्त लोगों को भी  इलाज कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है.

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कोरोना पर चर्चा को भाजपा ने दिया सांप्रदायिक रंग

18 से 23 सितंबर तक राज्य में विधानसभा सत्र चला. इस दौरान आठ विधेयक पारित किये गए. वृंदा ने कहा कि सत्र का अंतिम दिन कोरोना पर चर्चा के लिए निर्धारित किया गया. इसके बावजूद मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने में लगी रही. राज्य कमिटी ने अन्य ज्वलंत मुद्दों जैसे हाई कोर्ट का निर्णय, जिसमें पिछले दिनों हुई नियुक्तियों को रद्द करने,  झारखंड लैंड म्यूटेशन विधेयक, आदिवासी संगठनों द्वारा जनगणना प्रपत्र में उन्हें अलग धर्म के कालम मे जोड़ने और कोल इंडिया बोर्ड की जमीन के बदले नियोजन नही देकर केवल मुआवजा देने की घोषणा पर चर्चा आदि विषयों पर चर्चा की गयी. इन मुद्दों के साथ एक से 15 अक्टूबर तक प्रखंड स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. वहीं लोगों को जागरूक करने का भी निर्णय लिया गया.

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