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समाचार एजेंसी पीटीआइ पर केंद्र सरकार ने लगाया 84 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना

New Delhi : चीन में भारत के राजदूत का बयान ट्विट करने के बाद से समाचार एजेंसी पीटीआइ केंद्र सरकार के निशाने पर है. पिछले दिनों प्रसार भारती ने पीटीआइ को चेतावनी दी थी. जिसके बाद केंद्र सरकार ने पीटीआइ को एक नोटिस भेजा है. नोटिस में पीटीआइ से कहा गया है कि वह जुर्माने की 84.48 करोड़ रुपये का भुगतान करे.  नोटिस केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने भेजा है.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक आवास एवं शहरी मंत्रालय के तहत आने वाली लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने गत सात जुलाई को पीटीआइ को यह नोटिस भेजा. इसमें दिल्ली स्थित कार्यालय के द्वारा किये गये उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है. उल्लेखनीय है कि पीटीआइ देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी है. पिछले दिनों इस एजेंसी ने भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर चीन में भारत के राजदूत का एक बयान जारी किया था. राजदूत का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से विपरित था. जिसके बाद प्रसार भारती ने पीटीआइ के खिलाफ टिप्पणी की थी.

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समय पर भुगतान नहीं किया तो 10 फीसदी और जुर्माना

इस नोटिस में कहा गया कि समाचार एजेंसी पीटीआइ को गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर लिखित में देना होगा कि वे जमीन का दुरुपयोग और इसे क्षति पहुंचाये जाने की वजह से जुर्माने का भुगतान करेगा. साथ ही समाचार एजेंसी को यह हलफनामा भी देना होगा कि एक अप्रैल 2016 से पूर्व प्रभावी संशोधित जमीन दरों के हिसाब से जमीन के गलत इस्तेमाल/नुकसान शुल्क का भुगतान करेगा. पीटीआइ को यह भी कहा गया है कि समाचार एजेंसी ने जो भी उल्लंघन किये हैं, उन्हें 14 जुलाई तक दूर कर ले या शुल्क का भुगतान कर इन्हें नियमित करे.

नोटिस में कहा गया है कि यदि जुर्माना राशि का तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो इस पर अतिरिक्त 10 फीसदी का जुर्माना भी जोड़ा जायेगा.

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नोटिस में कहा गया- ‘लीज डीड को लेकर धनराशि का पूर्ण भुगतान करना होगा और ऑफिस परिसर का इस्तेमाल मास्टर प्लान के तहत किया जायेगा.’ नोटिस में कहा गया कि यदि पीटीआइ ने शर्तों का पालन नहीं किया तो रियायत वापस ले ली जायेगी.

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प्रसार भारती ने राष्ट्र विरोधी कहा था

इसके अलावा यह कहा गया है कि 14 जुलाई 2020 तक अस्थायी रूप से दिल्ली कार्यालय के परिसर में हुए उल्लंघनों को सुधारना होगा और तय शर्तों को इस नोटिस के जारी होने की तारीख के 30 दिनों के भीतर पूरा कर लेना होगा. ऐसा नहीं होने पर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जायेगा.

इससे पहले राष्ट्रीय प्रसारक प्रसार भारती ने पीटीआइ को चेतावनी दी थी. उसने राष्ट्रविरोधी कवरेज को लेकर पीटीआइ को दी जानेवाली वित्तीय सहायता रोकने की बात कही थी.

पीटीआइ ने चीन में भारतीय राजदूत का साक्षात्कार करने के बाद उनके बयान को प्रसारित किया था. इसी के बाद प्रसार भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआइ को ‘देशद्रोही’ कहते हुए उससे सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

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