Education & CareerRanchi

ऑनलाइन शिक्षा पर केंद्र का जोर:  PM ई विद्या वाहिनी प्रोग्राम शुरू होगी, 12 चैनल से होगी पढ़ाई

Ranchi: कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की गयी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस आर्थिक पैकेज के आखिरी किस्त का एलान रविवार को किया.

आखिरी किश्त में वित्त मंत्री ने मजदूर,ऑनलाइन शिक्षा के अलावा स्वास्थय विभाग पर खासा जोर दिया है. रविवार के ऐलान में ऑनलाइन शिक्षा के लिए कई बड़े फैसले लिये गये. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए बनायी गयी योजनाओं से अगवत कराया. उन्होंने पीएम ई विद्या वाहिनी प्रोग्राम और शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल के लिए किये गये उपायों का ऐलान भी किया.

इसे भी पढ़ें – आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज की आखिरी किश्त : मनरेगा बजट 40 हजार करोड़ बढ़ा, ऑनलाइन शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर

डिजिटल पढ़ाई के लिए पीएम ई विद्या प्रोगाम की होगी शुरुआत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मल्टीमोड एक्सेस डिजिटल/ऑनलाइन के माध्यम से पढ़ाई कराने के लिए पीएम ई विद्या योजना की शुरुआत की जायेगी. साथ ही साथ दीक्षा- स्कूल एजुकेशन के लिए ई-कान्टेंट उपलब्ध कराये जायेंगे. बच्चों तक किताबें पहुंच सकें, इसके लिए क्यूआर कोड से किताब उपलब्ध कराये जायेंगे. जिससे कोई भी छात्र क्यूआर कोड स्कैन करते हुए सीधा अपनी क्लास के किताब पा सकेंगे.

इस प्रोग्राम को वन नेशन वन डिजिटल प्लैटफॉर्म कहा गया है. बच्चों तक मुक्कमल शिक्षा पहुंच सके, इसके लिए हर क्लास के बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग टीवी चैनल होगा. वन क्लास वन चैनल योजना के माध्यम से रेडियो, कम्युनिटी रेडियो और पॉडकास्ट का इस्तेमाल बढ़ाया जायेगा.

दिव्यांगों के लिए भी सामग्री तैयार की जायेगी, ताकि उन्हें भी उसी अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल सके. वित्त मंत्री ने कहा कि इस लॉकडाउन में बच्चों का अधिकांश समय टीवी और स्मार्टफोन में बीत रहा है.

उनकी फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गयी है. घर से बाहर निकलना कम हो गया है. उनके मेंटल हेल्थ और साइकलॉजी सपोर्ट के लिए मनोदर्पण कार्यक्रम की शुरुआत भी की जायेगी.

इसे भी पढ़ें – लाॅकडाउन के बाद पांच हजार सोलर स्ट्रीट लाइट लगायेगी JREDA, दो साल से लंबित था टेंडर

स्वयं प्रभा से जुड़ेंगे 12 और चैनल

जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए एचआरडी मंत्रालय अच्छा काम कर रही है. स्वयं प्रभा डीटीएच के जरिए बच्चों को पहले से शिक्षा दी जा रही थी. अब यह प्लेटफॉर्म और बेहतर हो इसके लिए इसमें 12 चैनल जोड़े जायेंगे.

लाइव सेशन के टेलिकास्ट के लिए स्काईप के इस्तेमाल का प्रावधान किया जायेगा. स्वयं प्रभा का ग्रामीण इलाकों में भी बच्चों ने फायदा उठाया है. टाटा स्काई और एयरटेल टीवी से भी समझौता किया गया था. राज्यों से हर दिन 4 घंटे की सामग्री मांगी गयी है.

इसे भी पढ़ें –पलामू: महाराष्ट्र, रायगढ़ से पहुंचे 16 सौ प्रवासी श्रमिक,  पहुंचते ही प्रवासी महिला मजदूर ने दिया बच्चे को जन्म

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: