न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मासूमों को पोषाहार नहीं मिलने पर केंद्र भी गंभीर, मेनका गांधी से सीएम को लिखा पत्र

263

Ranchi : झारखंड के मासूमों को पोषाहार नहीं मिलने के मामले को केंद्र ने गंभीरता से लिया है. इस मसले पर केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखा है. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत छह माह से छह साल तक के बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराना है. लेकिन झारखंड में यह नियमित रूप से नहीं मिल रहा है. अगर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार नियमित नहीं मिल रहा है तो यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन माना जायेगा. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड में पिछले चार – पांच माह से टेंडर नहीं होने की वजह से बच्चों और महिलाओं को पोषाहार नहीं मिल रहा है. इससे हजारों बच्चे पोषाहार से वंचित हो गये हैं.

इसे भी पढे़ं- मासूम बच्चों के पोषाहार पर भी ग्रहण, चार माह से नहीं मिल रहा पोषाहार, कैसे तंदरूस्त होंगे बच्चे

केंद्र ने देरी होने की वजह का मांगा जवाब

केंद्र ने टेंडर में देरी होने की वजह का जवाब भी मांगा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगर टेंडर की वजह से पोषाहार नहीं मिल रहा है तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों व महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध करायें. केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानना चाहा है कि आखिर किन कारणों से पोषाहार उपलब्ध नहीं हो पाया. टेंडर में देरी की वजह क्या है? मेनका गांधी ने इन सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा है. साथ ही जल्द टेंडर फाइनल कर बच्चों और महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने की बात कही है. बताते चलें की मुख्यमंत्री रघुवर दास ने महिला दिवस के अवसर पर रेडी टू इट के लिये महिला सखी मंडलों को इसमें जिम्मेवारी देने की बात कही थी. कहा था कि महिला सखी मंडल ही रेडी टू इट तैयार करेंगी और सरकार उनसे ही खरीदेगी.

इसे भी पढ़ें- “सिंह मेंशन को टेंशन” देने में पहली बार उछला ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का नाम

इसे भी पढ़ें- ‘सरकार की कारगुजारियां उजागार करने वाले को देशद्रोही का तमगा देना बंद करें रघुवर सरकार’

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: