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मासूमों को पोषाहार नहीं मिलने पर केंद्र भी गंभीर, मेनका गांधी से सीएम को लिखा पत्र

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Ranchi : झारखंड के मासूमों को पोषाहार नहीं मिलने के मामले को केंद्र ने गंभीरता से लिया है. इस मसले पर केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखा है. पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत छह माह से छह साल तक के बच्चों को पोषाहार उपलब्ध कराना है. लेकिन झारखंड में यह नियमित रूप से नहीं मिल रहा है. अगर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार नियमित नहीं मिल रहा है तो यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन माना जायेगा. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि झारखंड में पिछले चार – पांच माह से टेंडर नहीं होने की वजह से बच्चों और महिलाओं को पोषाहार नहीं मिल रहा है. इससे हजारों बच्चे पोषाहार से वंचित हो गये हैं.

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केंद्र ने देरी होने की वजह का मांगा जवाब

केंद्र ने टेंडर में देरी होने की वजह का जवाब भी मांगा है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगर टेंडर की वजह से पोषाहार नहीं मिल रहा है तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों व महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध करायें. केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानना चाहा है कि आखिर किन कारणों से पोषाहार उपलब्ध नहीं हो पाया. टेंडर में देरी की वजह क्या है? मेनका गांधी ने इन सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा है. साथ ही जल्द टेंडर फाइनल कर बच्चों और महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने की बात कही है. बताते चलें की मुख्यमंत्री रघुवर दास ने महिला दिवस के अवसर पर रेडी टू इट के लिये महिला सखी मंडलों को इसमें जिम्मेवारी देने की बात कही थी. कहा था कि महिला सखी मंडल ही रेडी टू इट तैयार करेंगी और सरकार उनसे ही खरीदेगी.

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