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केंद्र से 130 करोड़ मिले पर राज्य सरकार नहीं चालू करा पायी 13 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय

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Ranchi: केंद्र सरकार की घोषणा के मुताबिक झारखंड में 2014 के बाद 13 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाना था. ये सभी स्कूल आदिवासी इलाकों में खोले जाने हैं. झारखंड राज्य और केंद्र दोनों में भाजपा की ही सरकार है. डबल इंजन वाली सरकार. पर आरटीआइ से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्य में 13 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खालने के लिए मार्च 2018 तक 130 करोड़ दे दिये हैं, पर अभी तक एक भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय फंक्शनल नहीं हो सका है. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की योजना साल 2000-2001 में तत्कालीन एनडीए की सरकार के द्वारा आदिवासी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए लायी गयी थी. जिसका लाभ लेने से अब भी आदिवासी बच्चे वंचित हैं.

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जवाहर नवोदय विद्यालय के तर्ज पर स्थापित होने हैं

केंद्र सरकार की इस योजना को जवाहर नवोदय विद्यालय के तर्ज पर स्थापित किया जाना था. यह विद्यालय केंद्र सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित है. राज्य में 2014 के बाद 13 स्कूल दिये गये हैं. सभी आदिवासी ईलाकों में खोले जाने हैं. इस योजना के माध्यम से छात्रों को गुणात्मक स्कूल में पढ़ने का मौका देना है, जिससे उन बच्चों का सर्वांगिण विकास हो सके.

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कल्याण विभाग के द्वारा संचालित होंगे एकलव्य स्कूल

राज्य के सभी एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाना है. कल्याण विभाग के अंतर्गत आदिवासी छात्रों के उत्थान से संबंधित कई कार्य किये जाते हैं. वर्तमान में कल्याण विभाग 60 प्रतिशत लोगों का बीड़ा उठाता है. कल्याण विभाग ही छात्रों को स्कॉलरशिप देता है. राज्य में संचालित नवोदय विद्यालयों की स्थिति भी बेहद ही खराब है. नवोदय विद्यालय राज्य के सभी जिलों में मौजूद हैं.

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