JharkhandLead NewsRanchi

13 लाख से अधिक MSME को केंद्र ने ऋण देकर दिया नया जीवन, झारखंड में संकट: महेश पोद्दार

Ranchi : सांसद महेश पोद्दार ने हाल में पेश झारखंड सरकार के बजट पर निराशा जतायी है. कहा है कि एमएसएमइ सेक्टर आगे कैसे बढ़ेगा, रोजगार के अवसर कैसे बनेंगे, इसको लेकर झारखंड सरकार गंभीर नहीं. बजट में इसकी चिंता ही नहीं दिखी है. शनिवार को प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा भी कि झारखंड सरकार ने अपने बजट में नया तो कुछ किया नहीं, पहले की सरकार की लोक कल्याणकारी स्कीमों को भी बंद कर दिया.

झारखंड में सबसे अधिक एमएसएमई इंडस्ट्री है जिसके जरिये हजारों लाखों की आजीविका भी जुड़ी है पर उन्हें प्रोत्साहित करने को सरकार ने कोई रुचि ही नहीं दिखायी है. मोरहाबादी के फुटपाथ दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारी तक, सब त्रस्त हो चुके हैं. कोरोना की मार और बिजली संकट ने उन्हें और भी संकट में डाला है. केंद्र ने देश भर में 13 लाख 30 हजार एमएसएमई को लोन देकर बंद होने से बचाया है पर इस मामले में झारखंड सरकार का रवैया निराशाजनक है.

इसे भी पढ़ें : Jharkhand: माननीयों पर दर्ज मामलों पर सुनवाई पूरी करने के लिए होगा कोषांग का गठन

ram janam hospital
Catalyst IAS
The Royal’s
Sanjeevani

नौकरी देने से ज्यादा छीनी जा रही

महेश पोद्दार के मुताबिक राज्य में व्यापारी वर्ग तो परेशान है ही, छात्रों के सामने भी रोजगार का गहरा अभाव है. जेपीएससी, जेएसएससी जैसी संस्थाएं नौकरी देने से ज्यादा नौकरी छीनने में लगी दिख रही हैं. पूर्ववर्ती सरकार ने नियोजन नीति बना कर रोजगार देने की पहल की थी. अब नयी सरकार ने दो ढाई सालों से भाषा, नियोजन नीति, 1932 के खतियान जैसे विषयों में सभी को उलझा दिया है. बेरोजगारी भत्ता का भी पता नहीं. 10 लीटर पेट्रोल पर सब्सिडी की बात हुई है पर लोग इसे लेने से इंकार कर रहे हैं.

सांसद ने सहमति जताते कहा कि पंचायत चुनाव होने चाहिए. लंबे समय तक इसे रोका नहीं जा सकता. ओबीसी आरक्षण मसले पर भी आम सहमति की जरूरत है. राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन पर कहा कि आगामी समय में इसके असर और उद्देश्य का पता लगेगा. वैसे इसमें शामिल पांच में से तीन सदस्यों में भाजपाई डीएनए ही है. कुछ सकारात्मक असर ही होगा.

इसे भी पढ़ें :  Jamshedpur Crime update: भाई की मौत के बाद संभाला नशे का कारोबार, पांच क‍िलो गांजा के साथ पहुंचा सलाखों के पीछे

Related Articles

Back to top button