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आम्रपाली से शिवपुर साइडिंग तक बिना चालान के ढुलाई के सरयू के आरोप के बाद CCL जांच को तैयार

Ranchi: सीसीएल की आम्रपाली परियोजना एक बार फिर से चर्चे में है. चर्चा पूर्व मंत्री सरयू राय के दो ट्वीट के बाद हो रही है. शुक्रवार को सरयू राय ने दो ट्वीट किया. उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा कि “ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कारवाई करें. खदान के लीज़ क्षेत्र से बाहर कोयला परिवहन के लिये माईनिंग चालान जरूरी है, पर सीसीएल की आम्रपाली खदान से रोज सैकड़ों टन कोयला बिना वैध चालान के शिवपुर रेल साईडिंग पर जा रहा है. जो लीज़ क्षेत्र से बाहर है. राज्य राजस्व को रोज करोड़ों का नुक़सान हो रहा है.”

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अपने दूसरे ट्वीट में सरयू ने एक बार फिर से लिखा कि “आम्रपाली केन्द्र के अधीन सीसीएल की खदान है. चालान राज्य का खान विभाग देता है. दोनों की मिलीभगत से ही वैध चालान के बिना लाखों टन कोयले की अवैध ढुलाई खदान से साईडिंग तक नहीं हो सकती. जांचें कि दो साल में कितना अवैध कोयला शिवपुर साईडिंग से गया है.” सरयू राय ने अपने इस ट्वीट के साथ रेलवे, सीबीआई और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैग किया है.

ट्वीट के सीसीएल में अफरा-तफरी

सरयू राय के ट्वीट करते ही सीसीएल में अफरा-तफरी का माहौल है. पुख्ता सूत्रों ने बताया कि ट्वीट के बाद सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद ने आम्रपाली के जीएम संजय कुमार सिंह से बात की. जीएम की तरफ से सीएमडी को बताया गया कि ऐसी कोई बात नहीं है. एक टन कोयला भी बिना चालान के शिवपुर साइडिंग नहीं जा रहा है. हालांकि सीएमडी पीएम प्रसाद ने एक बार फिर से सभी कागजातों को परखने का निर्देष जीएम आम्रपाली कोलियरी को दिया.

सीसीएल राज्य सरकार से जांच कराने को तैयार

नाम नहीं छापने की सूरत पर सीसीएल के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज विंग को बताया कि ट्वीट के बारे में सीसीएल को जानकारी मिली है. मुख्यालय से आम्रपाली से मामले को लेकर संपर्क किया गया है. सरयू राय एक वरिष्ट जनप्रतिनिधि हैं. अगर उन्होंने ऐसा आरोप लगाया है तो पूरे मामले की जांच राज्य सरकार कर सकती है. जहां तक मुझे जानकारी है आम्रपाली परियाजना से शिवपुर साइडिंग तक एक टन कोयला भी बिना चालान का नहीं जा रहा है.

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