BokaroJharkhand

सीसीएल डीवीसी के बीच विवाद के कारण बंद है ऐश पौंड से छाई का उठाव

Sanjay

Bermo : बेरमो माइंस को लेकर सीसीएल प्रबंधन एवं डीवीसी के बीच विवाद के कारण ही बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ऐश पौंड से विगत एक माह से भी ज्यादा समय से छाई का उठाव बंद है. छाई का उठाव बंद होने के कारण डीवीसी के ‘बी’ पावर प्लांट की तीन नंबर यूनिट को बंद कर देना पड़ा है. वहीं दूसरी ओर 500 मेगावाट के ‘ए’ पावर प्लांट का भी उत्पादन बंद होने का संशय लगातार बना हुआ है.

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क्या है विवाद का कारण

डीवीसी के एकमात्र कोयला खदान बेरमो माइंस को लीज पर दिये गये जमीन को लेकर डीवीसी एवं सीसीएल प्रबंधन के बीच विवाद है.विवाद के कारण ही डीवीसी प्रबंधन के द्वारा रांची हाईकोर्ट में जनवरी 2019 में सीसीएल के बोकारो कोलियरी प्रबंधन और सीएमडी के खिलाफ याचिका दर्ज करवायी गयी है.

बेरमो माइंस में डीवीसी को कोयला खदान के लिए कुल 413.75 एकड़ जमीन पर लीज 1951 में बिहार सरकार की ओर से दिया गया था. डीवीसी के एकमात्र कोयला खदान से काफी उन्नत क्वालिटी का कोयला से बोकारो थर्मल के पावर प्लांट को चलाया जाता था.

उक्त जमीन का लीज वर्ष 2015 में समाप्त हो गया था. लीज का नवीकरण को लेकर डीवीसी के द्वारा जब प्रक्रिया आंरभ की गयी तो पाया गया कि डीवीसी को मिले लीज में से डीवीसी का कब्जा मात्र 293.75 एकड़ जमीन पर ही था और बाकी 120 एकड़ की जमीन पर सीसीएल बोकारो करगली एरिया की कॉलोनी सुभाष नगर एवं जवाहर नगर बसा हुआ है.

सीसीएल की कब्जा वाली जमीन को खाली करवाने को लेकर काफी प्रयास किये गये परंतु डीवीसी प्रबंधन इसे खाली नहीं करवा पाया और ना ही सीसीएल प्रबंधन ने इसमें रुचि लेकर इसे खाली करवा पायी. उक्त पूरे जमीन का नवीकरण को लेकर जो माइंन प्लान बनाया गया था.

उसमें सीसीएल प्रबंधन से एनओसी लेना आवश्यक था. डीवीसी बेरमो माइंस प्रबंधन के द्वारा सीसीएल प्रबंधन से 120 एकड़ जमीन को लेकर जब डीवीसी के द्वारा एनओसी मांगा गया तो सीसीएल प्रबंधन ने उक्त जमीन पर अपना दावा करते हुए एनओसी देने से साफ इंकार कर दिया.

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कोर्ट की शरण में डीवीसी प्रबंधन

सीसीएल प्रबंधन द्वारा एनओसी संबंधी पत्र देने से इंकार करने पर डीवीसी प्रबंधन ने जनवरी 2019 में रांची हाईकोर्ट में याचिका दायर की. डीवीसी बेरमो माइंस के कोल अभिकर्ता सह अधीक्षक एके ठाकुर एवं बोकारो थर्मल के तत्कालीन डीजीएम पीके सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की. कोर्ट में सीसीएल बोकारो करगली के जीएम एवं सीसीएल के सीएमडी को आरोपी बनाया गया.

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20 वर्ष का है कोयला भंडार

बेरमो मांइस के कोल अभिकर्ता सह अधीक्षक एके ठाकुर एवं बोकारो थर्मल के तत्कालीन डीजीएम पीके सिंह का कहना है कि बेरमो माइंस की कुल 413.75 एकड़ जमीन का लीज नवीकरण होने की स्थिति में डीवीसी को 20 वर्षों का कोयला भंडार प्राप्त हो जाएगा, जिससे बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के पावर प्लांट को आसानी से बिना कोयला संकट के चलाया जा सकता है.

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विवाद का बना कारण

डीवीसी प्रबंधन के द्वारा रांची के हाईकोर्ट में नवीकरण को लेकर दर्ज किये गये याचिका के बाद सीसीएल प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार किया और सीसीएल बोकारो करगली एरिया के रामबिलास हाईस्कूल के पास बंद खदान में डीवीसी के ऐश पौंड से गिराये जाने वाले छाई को यह कहकर रोक लगा दी कि उसके नीचे कोयला का भंडार है और छाई से भरने के कारण बाद में कोयला निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

सीसीएल द्वारा छाई के गिराव पर रोक लगा देने के बाद से ही डीवीसी के चंद्रपुरा एवं बोकारो थर्मल स्थित ऐश पौंड से छाई के उठाव पर रोक लग गयी है और इस स्थिति में दोनों ही पावर प्लांट पर बंदी के संकट मंडराने लगे हैं. सूत्रों का कहना है कि डीवीसी और सीसीएल प्रबंधन कोर्ट के बाहर समझौता करने को राजी हो गये हैं.

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