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सीसीएल गोविंदपुर सुरक्षा गार्ड हत्याकांड : चोरी में बाधक बनने पर दोस्तों ने ही कर दी थी हत्या

बोकारो पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार

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Bokaro : बोकारो थर्मल थाना अंतर्गत सीसीएल गोविंदपुर फेज दो ओपन कास्ट के निजी सुरक्षा गार्ड तथा अरमो गंझूडीह निवासी मोहन गंझू के हत्याकांड का पुलिस ने डेढ़ माह बाद खुलासा करते हुए हत्या में संलिप्त तीन आरोपियों को सोमवार की रात्रि गिरफ्तार कर लिया. हत्याकांड में संलिप्त लोगों की पहचान होने के बाद बोकारो थर्मल थानेदार सह इंस्पेक्टर परमेश्वर लेयांगी, अवर निरीक्षक बबन सिंह, सअनि कमलेश सिंह, एके दूबे, बैजून मरांडी ने जवानों के साथ सोमवार की रात्रि एक टीम का गठन कर अरमो एवं गंझूडीह में छापामारी की. छापामारी में पुलिस ने सबसे पहले भाखुर यादव को धर दबोचा. गिरफ्तार भाकुर यादव की निशानदेही पर पुलिस ने कारु यादव और ननकू यादव को गिरफ्तार कर लिया.

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चोरी में बाधक बनने पर की गयी मोहन की हत्या

थाना क्षेत्र के अरमो एवं गंझूडीह से गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सीसीएल गोविंदपुर फेज दो में 12 निजी सुरक्षा गार्डों को बहाल करना था जिसमें से सिर्फ मोहन गंझू को ही काम पर रखा गया था. सीसीएल में निजी सुरक्षा गार्ड में बहाल होने के पूर्व मोहन गंझू, कारु यादव, भाखुर यादव, ननकू यादव, नंदकिशोर यादव एवं रामचंद्र यादव सभी मिलकर सीसीएल के वाहनों से रात्रि में डीजल चोरी एवं केबल काटने का काम किया करता था. मोहन गंझू को जब नौकरी पर रख लिया गया तो वह खुद प्रत्येक रात्रि उनलोगों को छोड़कर खुद डीजल चोरी का काम करने लगा तथा उनलोगों की शिकायत सीसीएल सुरक्षा एवं थाना को करने की बराबर धमकी देने लगा था.

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पिटाई के बाद पुलिस को बताने के डर से कर दी हत्‍या

मोहन की हरकतों के कारण सभी ने मिलकर उसे सबक सिखाने की येाजना बनायी. 21 जून को रात्रि में जब मोहन गंझू डयूटी के लिए गोविंदपुर फेज दो ओपन कास्ट के समीप के जंगल में पहुंचा तो पहले से घात लगाकर बैठे उपरोक्त सभी लोगों ने मोहन गंझू को लाठी एवं फरसा से मारा तथा उसकी पत्थरों से कुचलकर हत्या कर डाली. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पहले वे लोग मोहन की पिटाई कर उसे सबक सिखाना चाह रहे थे,लेकिन पिटाई के बाद कहीं पुलिस से उनलोगों पर केस ना कर दे, इसी से बचने को लेकर सभी ने मिलकर उसकी हत्या कर डाली.

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हत्या के बाद शव को ओपन कास्ट के समीप फेंक दिया गया था

हत्याकांड का खुलासा के बाद एक ओर जहां मामले पर विराम लगी. वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी राहत की सांस ली है. सभी गिरफ्तार आरोपियों को तेनुघाट उपकारा भेज दिया गया है. विदित हो कि गंझूडीह निवासी सीसीएल के निजी सुरक्षा गार्ड मोहन गंझू की हत्या 21 जून को डयूटी के दौरान कर दी गयी थी. हत्या के बाद शव को ओपन कास्ट के समीप फेंक दिया गया था. हत्या के बाद मामले को लेकर स्थानीय थाना में कांड संख्या 79/2018 भादवि की धारा 320,201 के तहत मामला दर्ज किया गया था. हत्या के बाद मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए अरमो के ग्रामीणों ने मुखिया मनीराम मांझी, उप मुखिया हरेराम यादव तथा इंटक नेता विकास सिंह के नेतृत्व में 21 जुलाई को बोकारो थर्मल थाना का घेराव कर प्रदर्शन किया था.

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