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बोकारो में सीसीएल के विस्थापितों ने किया चक्का जाम, करोडों का नुकसान

कथारा, करगली और ढोरी क्षेत्र का चक्का जाम

Bokaro: विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल के नेतृत्व में सैंकड़ो महिला एवं पुरूष सड़क पर उतरकर कोयला ट्रांसपोर्टिंग को पूरी तरह से रोक दिया. बेरमो कोयलांचल स्थित कोल इंडिया का आनुषंगिक इकाई सीसीएल के तीनों एरीया ढोरी एरीया, बोकारो एंड करगली एवं कथारा एरीया का कोल ट्रांसपोर्टिंग को रोक दिया जिससे कोयला लोड ट्रक एवं हाइवा सड़क किनारे खड़े रहा गया. सीसीएल को तत्काल करोड़ों का नुकसान हुआ है.

वहीं पूर्व विधायक ने सीसीएल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुये कहा कि जब कोल इंडिया एक है तो मुआवजा राशि अलग अलग क्यों है. कोल इंडिया के ही दूसरी इकाई में मुआवजा काफी अधिक है और हमारे यहां सबसे कम क्यों?

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समिति के बैनर तले आंदोलन कर रहे विस्थापित महिलाओं ने कहा कि हमलोगों का जमीन सीसीएल में गया लेकिन आज तक नौकरी मुआवजा कुछ नहीं मिला है.

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आंदोलन में लोधर बेड़ा कूरपनिया, जरीडीह बस्ती, अमलो एवं ढोरी, चलकरी बस्ती सहित पूरे क्षेत्र के रैयतों के साथ कोलियरी के कोयला संप्रेषण को रोक दिया गया.

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वहीं रैयतों को सीसीएल प्रबन्धन से मांग है कि पीएलसी के दर से विस्थापितों को कोयला लोकल सेल में दिया जाय. जितने कोलियरी में आउटसोर्सिंग के तहत काम चल रहा है उसमें विस्थापित को 75% काम मिले.

सीसीएल द्वारा जिन जमीनों को अधिग्रहण किया गया है उनके बकाए नोकरी और मुआवजा को कम्पनी जल्द दे अन्यथा अनिश्चित कालीन चक्का जाम रहेगा एक छटाक कोयला कहीं नहीं जाने दिया गया.

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