Ranchi

#CBSE: राज्य के 65270 में 15100 विद्यार्थी ही 11वीं में पढ़ना चाहते हैं साइंस, 62 फीसदी को नहीं है रुचि

Ranchi: 10वीं बोर्ड परीक्षा के बाद आप साइंस पढ़ना चाहते हैं या नहीं, इसके लिए सीबीएसई ने विद्यार्थियों से रजिस्ट्रेशन के समय जानकारी मांगी थी. सीबीएसई ने रजिस्ट्रेशन के दौरान बेसिक मैथ्स और स्टैंडर्ड मैथ्स में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया था.

वैसे छात्र जो 11वीं में साइंस पढ़ना चाहते हैं, उन्हें स्टैंडर्ड मैथ्स का चयन करना था. 10वीं के रजिस्ट्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड के 62 फीसदी छात्र 10वीं के बाद साइंस पढ़ना नहीं चाहते हैं.
इस वर्ष रजिस्ट्रेशन के आंकड़ें बताते हैं कि झारखंड से 65 हजार 270 विद्यार्थियों ने 10वीं बोर्ड में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया.

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जिसमें से 40 हजार 170 विद्यार्थियों ने स्टैंडर्ड मैथ्स की जगह बेसिक मैथ्स को चुना है. जबकि स्टैंडर्ड मैथ्स पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 15 हजार 100 ही है. यानी 62 फीसदी छात्र बेसिक मैथ्स चुनकर 11 वीं में साइंस नहीं लेना चाहते, जबकि 38 फीसदी छात्र ही 11वीं में साइंस पढ़ना चाहते हैं.

बिहार में 30 फीसदी ही पढ़ेंगे साइंस

इसी तरह सीबीएसई की ओर से बिहार में 10 वीं के रजिस्ट्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि यहां मात्र 30 फीसदी ही ऐसे छात्र हैं, जो 10वीं के बाद साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं. बिहार में रजिस्ट्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि बिहार के 70 फीसदी विद्यार्थियों ने बेसिक गणित का चयन किया है.

बोर्ड के अनुसार, बिहार में एक लाख 10 हजार छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भरा है. इनमें 90 हजार के लगभग छात्रों ने बेसिक गणित को चुना है. स्टैंडर्ड गणित का चयन मात्र 30 फीसदी विद्यार्थियों ने ही किया है.

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क्यों है ऐसा

सीबीएसई ने सभी स्कूलों को पत्र लिखकर बताया था कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 10वीं क्लास में दो गणित के पेपर होंगे. यह बेसिक मैथ्स और स्टैंडर्ड मैथ्स के नाम से होगा. छात्रों को अपनी योग्यता के मुताबिक अपनी मर्जी से दोनों से कोई एक पेपर देने का विकल्प होगा.

इन दो पेपरों में से एक पेपर तो मौजूदा वाला ही होगा बाकी दूसरा इससे थोड़ा आसान होगा. अगर किसी छात्र को मौजूदा पेपर मुश्किल लगता है तो वह आसान वाले स्तर का चुनाव कर सकता है.

स्टैंडर्ड मैथ्स उन छात्रों के लिए होगा जो 11वीं और 12वीं में साइंस रखना चाहते हैं और मैथ्स का बेसिक लेवल उन छात्रों के लिए होगा जो आगे साइंस से पढ़ाई नहीं करना चाहते हैं.

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