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सीबीएसई ने नियमों में किया बदलाव, अब केंद्र और राज्य सरकारें निर्धारित करेंगी स्कूलों की फीस

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Ranchi : निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस में वृद्धि करने पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नियमों में बदलाव किया है. सीबीएसई के नये बायलॉज के अनुसार अब इससे जुड़ा कोई भी निजी स्कूल स्टूडेंट्स से घोषित फीस के अलावा किसी अन्य नाम से कोई फीस नहीं वसूलेगा. साथ ही, स्कूलों को पहले ही अन्य फीस की जानकारी देनी होगी. सीबीएसई द्वारा प्राइवेट स्कूलों के लिए 74 पेज का बायलॉज तैयार किया गया है. इसके माध्यम से प्राइवेट स्कूलों के लिए नये कानून एवं गाइडलाइन तैयार किये गये हैं. इसके माध्यम से सीबीएसई निजी स्कूलों पर नियंत्रण एवं नये स्कूलों को मान्यता देगा.

ज्ञात हो कि पूरे देश में 20,783 स्कूल सीबीएसई से मान्यताप्राप्त हैं. इनमें कम से कम 1.9 करोड़ स्टूडेंट्स और 10 लाख से अधिक टीचर हैं. मान्यता देने से जुड़े उपकानून 1998 में बने थे और अंतिम बार 2012 में उनमें बदलाव किया गया था. 2012 के बाद इसमें लगभग छह सालों के बाद सीबीएसई की ओर से बदलाव किया गया है. इसको ड्राफ्ट करने में स्टूडेंट्स और अभिभावकों के सुझाव भी लिये गये हैं.

सीबीएसई ने नियमों में किया बदलाव, अब केंद्र और राज्य सरकारें निर्धारित करेंगी स्कूलों की फीस

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प्राइवेट स्कूलों की फीस केंद्र एवं राज्य सरकारें करेंगी तय

सीबीएसई के अंतर्गत आनेवाले स्कूलों को मान्यता देने संबंधी अपने नियमों में बदलाव भी बोर्ड ने किया है, साथ ही अपनी भूमिका शैक्षणिक गुणवत्ता की निगरानी तक सीमित करते हुए आधारभूत ढांचे के ऑडिट की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी है. साथ ही, इन निजी स्कूलों की फीस का निर्धारण भी राज्य एवं केंद्र सरकार को करना होगा. मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो गयी है, इसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गयी है. अभिभावकों की दिक्कतों व शिकायतों को दूर करने के लिए सीबीएसई ने एफिलिएशन का नया बायलॉज तैयार किया है.

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नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूलों की मान्यता होगी रद्द

सीबीएसई के नये नियमों के अनुसार, स्कूल यूनिफॉर्म और किताबें निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे. स्कूल यदि इन नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो सीबीएसई उनकी मान्यता रद्द कर देगा. स्कूलों को फीस में भी पूरी पारर्दिशता लानी होगी. इसके तहत स्कूल वेबसाइट और फॉर्म पर जो फीस बतायी गयी है, उतनी ही फीस अभिभावकों को देनी होगी. स्कूल अब किसी भी तरीके का हिडेन चार्ज अभिभावकों से नहीं वसूल पायेंगे. ऐसा करने पर अभिभावकों की शिकायत मिलने पर सीबीएसई संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द कर सकता है.

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