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#CBSE सर्कुलर : छात्र 30 सितंबर तक तय करें 11 वीं में मैथ्स पढ़ना है या नहीं

स्कूलों को इस सूची को भेजने में 15 दिनों का समय ही बचा है, ऐसे में 10 वीं बोर्ड में शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों को यह तय कर लेना है कि वे 11 वीं में मैथ्स पढ़ना चाहते हैं या नहीं.

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Ranchi : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों से 30 सितंबर तक लिस्ट ऑफ कंडिडेट भेजने को कहा है. लिस्ट ऑफ कंडिडेट स्कूलों की वह सूची होती है, जिसमें 10वीं और 12 वीं बोर्ड में कितने विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं और उन्होंने कौन-कौन सा विषय चुना है, का जिक्र होता है. स्कूलों को इस सूची को भेजने में 15 दिनों का समय ही बचा है, ऐसे में 10 वीं बोर्ड में शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों को यह तय कर लेना है कि वे 11 वीं में मैथ्स पढ़ना चाहते हैं या नहीं.

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क्यों करना पड़ेगा ऐसा

दरअसल कुछ दिनों पहले सीबीएसई ने सभी स्कूलों को पत्र लिख कर बताया था कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 10 वीं क्लास में दो गणित के पेपर होंगे. यह बेसिक मैथ्स और स्टैंडर्ड मैथ्स के नाम से होगा. छात्रों को अपनी योग्यता के मुताबिक अपनी मर्जी से दोनों से कोई एक पेपर देने का विकल्प होगा. इन दो पेपरों में से एक पेपर तो मौजूदा वाला ही होगा बाकी दूसरा इससे थोड़ा आसान होगा. अगर किसी छात्र को मौजूदा पेपर मुश्किल लगता है तो वह आसान वाले स्तर का चुनाव कर सकता है.

ऐसे में 30 सितंबर से पहले विद्यार्थियों को यह तय कर लेना है कि उन्हें मैथ्स का कौन सा पेपर लेना है. बेसिक मैथ्स लेना है या फिर स्टैंडर्ड मैथ्स. अगर तय समय तक ऐसा नहीं करते हैं तो एग्जामिनेशन फॉर्म भरने में परेशानी हो सकती है.

इसलिए स्पेशल है मैथ्स के दो लेबल का पेपर

10 वीं बोर्ड की परीक्षा में मैथ के पेपर के दो लेवल वाली योजना 2020 की बोर्ड परीक्षा से ही लागू हो जायेगी. पर यह 10वीं क्लास के इंटर्नल असेसमेंट में लागू नहीं होगी. यह केवल 10 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए है. 9वीं क्लास के छात्रों को यह सुविधा नहीं मिलेगी. पहला पेपर तो वही रहेगा जो अभी है. दूसरा वाला थोड़ा आसान होगा.

दोनों पेपर का सिलेबस, क्लासरूम में पढ़ाई एक ही रहेगा ताकि छात्र पूरे साल सभी टॉपिक को अच्छी तरह समझें. सिर्फ परीक्षा के समय बेसिक व स्टैंडर्ड मैथ्स में से किसी एक पेपर को चुनना होगा. स्टैंडर्ड मैथ्स उन छात्रों के लिए होगा जो 11वीं और 12वीं में मैथ्स रखना चाहते हैं और मैथ्स का बेसिक लेवल उन छात्रों के लिए होगा जो आगे मैथ्स से पढ़ाई नहीं करना चाहते हैं.

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अलग-अलग होगा कंपाटमेंट एग्जाम

अगर कोई छात्र बेसिक लेवल में फेल होता है तो उसके बेसिक लेवल का ही कंपार्टमेंट एग्जाम देना होगा और स्टैंडर्ड लेवल में फेल होता है तो स्टैंडर्ड लेवल का ही कंपार्टमेंट एग्जाम देना होगा. अगर कोई छात्र 10वीं में बेसिक का चुनाव करता है और वह उसमें पास हो जाता है, इसके बाद वह चाहता है कि आगे की क्लास में मैथ्स से पढ़ें तो वह कंपार्टमेंट एग्जाम में मैथमेटिक्स-स्टैंडर्ड का पेपर दे कर आगे की क्लास में मैथ्स पेपर लेकर पढ़ाई कर सकता है.

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