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सीबीएसई ने बदला सिलेबस पैटर्न, सीखने की क्षमता और ऑब्जेक्टिव पर ज्यादा फोकस  

Ranchi : सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने अपने स्कूली शिक्षा के सिलेबस में बदलाव किए हैं. ये बदलाव नये शैक्षणिक सत्र में देखने को मिलेंगे. सीबीएसई की ओर से यह बदलाव सीनियर व जूनियर दोनों ही स्तर पर किये गये हैं. 12 वीं स्तर पर यह बदलाव गणित से लेकर आटर्स के पॉलिटिकल साइंस तक में किये गये हैं. वहीं 10 वीं स्तर पर कई नये विषयों को जोड़ा गया है.

सीबीएसई ने अपने नये पैटर्न में न केवल सिलेबस के बारे बताया है, बल्कि विषयों की तैयारी करने, नोट्स बनाने के तरीके व टीचिंग मैथ्डस के बारे भी बताया है. इस संबंध में विभिन्न सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों का मानना है कि इस तरह के बदलाव होने चाहिए. इससे नयापन आता है. यह विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी सही है. सिलेबस में नयी बातों को जोड़े जाने से स्टूडेंट्स नया तो सीखते ही हैं. साथ ही शिक्षकों को भी नया सीखने को मिलता है.

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ऑब्जेक्टिव पर ज्यादा है फोकस

सिलेबस में बदलाव की बात करें तो इसमें सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने और ऑब्जेक्टिव पर ज्यादा फोकस किया गया है. 12वीं आर्ट्स के विषय पॉलिटिकल साइंस में जहां पहले 27 प्रश्न पूछे जाते थे, अब उसमें बदलाव करते हुए प्रश्नों की संख्या 24 की गयी है. वहीं परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र में च्वॉइस बेस्ड क्वेश्चन होते थे, जिसे कट किया गया है. इस शैक्षणिक सत्र में होने वाली परीक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र में हुए बदलाव देखने को मिलेंगे.

एक्सपर्ट के मुताबिक, इसी तरह 10 वीं कक्षा के प्रश्नपत्र में प्रश्नों की प्रकृति में भी बदलाव हुए हैं. 10 वीं कक्षा के कई विषयों में कठिन, सामान्य व आसान नेचर के प्रश्नों के प्रतिशत निर्धारित हुए हैं. हिंदी, मैथ्स, सोशल साइंस व संस्कृत आदि में 30 फीसदी सवाल आसान, 20 प्रतिशत सवाल कठिन व 70 फीसदी सवाल औसत स्तर के होंगे.

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