West Bengal

#CBI कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ अगले सप्ताह समन जारी करेगी

Kolkata : हजारों करोड़ रुपये के सारदा चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपी कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार को अगले सप्ताह सीबीआई समन भेजने जा रही है. जांच एजेंसी के सूत्रों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की. बताया गया है कि अगले सप्ताह ही राजीव कुमार की अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जायेगी.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले राजीव कुमार को नोटिस भेजा जायेगा. जान लें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कुमार को इस मामले में अग्रिम जमानत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. साथ ही सीबीआई को यह निर्देशित किया कि राजीव कुमार को नोटिस भेजकर हाजिर होने के लिए 48 घंटे का समय देना होगा.

कुमार को कोलकाता से बाहर जाने के लिए अनुमति लेने को कहा गया है. इन शर्तों को देखते हुए सीबीआई अगले सप्ताह राजीव कुमार को नोटिस भेज सकती है. सोमवार या मंगलवार को यह नोटिस भेजा जायेगा. इसमें 48 घंटे का समय उन्हें दिया जायेगा और उसी अनुसार सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लगायी जायेगी, ताकि 24 से 48 घंटे में सुनवाई होकर राजीव कुमार पर उच्चतम न्यायालय का आदेश आ सके. ऐसे में कुमार हमेशा की तरह इस बार फरार न हो सकें, इसकी जुगत में सीबीआई लगी हुई है.

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सीबीआई टीम जल्द ही दिल्ली रवाना होगी

खबर है कि एजेंसी इस बार सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर करने वाली है उसमें केवल राजीव कुमार के खिलाफ बल्कि राज्य सरकार पर भी असहयोग करने का दावा किया जाएगा और कुमार को हाजिर कराने का निर्देश राज्य सरकार को देने की मांग की जाएगी. एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तैयारियां शुरू हो चुकी है. सारदा मामले की जांच करने वाली सीबीआई टीम जल्द ही दिल्ली रवाना होगी जहां केंद्रीय अधिकारियों से मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की तैयारी की जायेगी. इसके लिए रिपोर्ट बनाई जा रही है.

उल्लेखनीय है कि 2013 में बिधाननगर के तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चिटफंड मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था. आरोप है कि जांच के दौरान सामने आये कई साक्ष्यों को राजीव कुमार ने सिर्फ इसीलिए मिटा दिया था क्योंकि उनके उजागर होने पर सत्तारूढ़ तृणमूल के कई नेताओं का चिटफंड मामले में संलिप्तता उजागर हो सकती थी. इसी सिलसिले में सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है.

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नारद मामले में चार्जशीट तैयार करने में जुटी सीबीआई

सीबीआई नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में चार्जशीट तैयार करने में जुट गयी है. जांच एजेंसी के सूत्रों ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की. इस मामले में गत सप्ताह गुरुवार को एसएमएच मिर्जा की गिरफ्तारी के बाद उनसे मैराथन पूछताछ की गयी है. इसकी पूरी रिपोर्ट दिल्ली स्थित सीबीआई के उच्च अधिकारियों को भेजी गयी है.

अब उनके निर्देश का इंतजार किया जा रहा है. जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में किसी की गिरफ्तारी आसान नहीं होती है. जब तक साक्ष्यों को मिटाने का संदेह आरोपितों पर नहीं हो और इसके पुख्ता प्रमाण नहीं हों, तब तक गिरफ्तारी नहीं होती. हालांकि जांच एजेंसी अगर चार्जशीट पेश करती है तो जिनको भी नामजद किया जाएगा, उन्हें न्यायालय में जाकर जमानत लेनी होगी.

इस मामले में कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी, वर्तमान मेयर फिरहाद हकीम, सांसद काकोली घोष दस्तीदार, अपरूपा पोद्दार, सौगत रॉय समेत तृणमूल के कई बड़े नेता आरोपित हैं. इनकी आवाज के नमूने को अहमदाबाद स्थित फॉरेंसिक लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा गया है. पूर्व उप मेयर इकबाल अहमद की आवाज के नमूने रिकॉर्ड नहीं किया जा सके है, क्योंकि तबीयत खराब होने की वजह से उनका गला लंबे समय से बैठा हुआ है. जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि अक्टूबर के अंत तक इस मामले में चार्जशीट पेश की जा सकती है.

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