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सीबीआई ने आरयू के पांच शिक्षकों का जांचा सर्टिफिकेट

2008 नियुक्ति मामले में विश्वविद्यालय स्तर शिक्षक हैं सीबीआई की रडार पर

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Ranchi: रांची विश्वविद्यालय (आरयू) के पांच शिक्षकों का सीबीआई ने हाल के महीनों में सर्टिफिकेट की जांच की है. सीबीआई ने जेपीएससी के माध्यम से 2008 में बहाल विश्वविद्यालय स्तरीय शिक्षकों की जांच-पड़ताल में तेजी लाते हुए राज्य के कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच की है. इस महीने रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, नीलांबर-पितांबर विश्वविद्यालय में सीबीआई ने कई शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच की है.

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शिक्षकों पर नजर बनाये हुये है आईटी विभाग

इनकम टैक्स विभाग की ओर से कई शिक्षकों पर नजर रखी जा रही है. आरयू समय-समय पर इन शिक्षकों से संबंधित सूचना विश्वविद्यालय स्तर से लेता रहता है. आरयू के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने बताया कि 2008 में बहाल शिक्षकों का सीबीआई और आईटी विभाग से सर्टिफिकेट एवं आय संबंधित जानकारियों समय-समय पर ली जाती हैं. आरयू की नहीं बल्कि अन्य विश्वविद्यालयों में 2008 बहाली के संबंध में सीबीआई द्वारा जांच प्रक्रिया समय-समय पर की जा रही है.

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किसी विश्वविद्यालय ने नहीं की किसी शिक्षक की सेवा संपुष्टी

2008 में जेपीएससी के माध्यम से बहाल विश्वविद्यालय स्तरीय शिक्षकों की अबतक राज्य के सभी 8 विश्वविद्यालयों में सेवा संपुष्टी नहीं की गयी है. जिन एक-दो विश्वविद्यालयों ने इन शिक्षकों की सेवा संपुष्टी कर दी थी, राजभवन के आदेश के पुन: उनकी सेवा संपुष्टी वापस ले ली गयी.

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जांच के नाम पर पीस रहे हैं शिक्षक

2008 में बहाल कई शिक्षकों ने ‘न्यूज विंग’ को बताया कि सीबीआई जांच के कारण योग्यताधारी शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है. जांच की प्रक्रिया लंबी होने के कारण उन्हें प्रमोशन एवं एरियर से वंचित रखा गया है. जांच कर जल्द से जल्द सीबीआई को रिपोर्ट दे देना चाहिए. शिक्षकों का कहना है जो गलत किये उन्हें तत्काल सेवा से बाहर कर देना चाहिए और जो सही हैं उन्हें उनका हक मिलना चाहिए.

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