न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

BCCL के जीएम कल्याण प्रसाद के कई ठिकानों पर CBI का छापा, बढ़ी मुश्किलें   

1,105

Dhanbad : सीबीआइ की धनबाद और दिल्ली टीम ने मंगलवार को एक साथ देश भर में बीसीसीएल के जीएम (सीएसआर) कल्याणजी प्रसाद, प्रकाश चंद्रा, सेवानिवृत्त अतिरिक्त महाप्रबंधक बीएन सिंह, जीनागोरा पैच के मैनेजर एके पांडे, एरिया सर्वे ऑफिसर एन मंड, जीनागोरा के सर्वेयर अनूप मेहत, मेसर्स एटी देव प्रभा के निदेशक लालबाबू सिंह, कुभंनाथ सिंह और अन्य के धनबाद और रांची स्थित ठिकानों पर छापेमारी की. इस मामले में सीबीआइ ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. यह कार्रवाई लोदना एरिया के जीनागोरा में कोल शॉर्टेज और ओवर रिपोर्टिंग के मामले में हुई.

mi banner add

बीसीसीएल में जीएम सीएसआर के पद पर हैं कल्याण प्रसाद

जानकारी के मुताबिक, कल्याण प्रसाद फिलहाल बीसीसीएल में जीएम सीएसआर के पद पर कार्यरत हैं. आय से अधिक संपत्ति मामलों में सीबीआइ कल्याण प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. सीबीआइ की टीम कल्याण प्रसाद के धनबाद में 6, बोकारो में 6 और दिल्ली के कई ठिकानों पर छापामारी चल रही है.

वहीं इससे पहले कल्याण प्रसाद बीसीसीएल के लोदना क्षेत्र के महाप्रबंधक रहे हैं. इस दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितता की कई शिकायतें भी सीबीआइ के पास आयीं थीं.

इसे भी पढ़ें – CNT उल्लंघन मामले में कल्पना सोरेन और जमीन बेचने वाले राजू उरांव को नोटिस

कल्याण प्रसाद समेत 11 कोल अधिकारियों के खिलाफ जारी हुआ था चार्जशीट

5 मार्च 2019 को लोदना और ब्लॉक टू एरिया में साल 2017-18 में कोयला ओवर रिपोर्टिंग मामले में बीसीसीएल की विजलेंस टीम ने कल्याण प्रसाद समेत 11 कोल अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी किया था. उस दौरान कल्याण प्रसाद ही जीएम थे.

सभी अधिकारियों पर कोयले के स्टॉक में हेराफेरी करने का आरोप है. इस संबंध में विजिलेंस ने जांत के बाद मामला दर्ज किया था. वहीं जिन अधिकारियों को चार्जशीट जारी किया गया था, उसमें तत्कालीन लोदना एरिया के जीएम कल्याण प्रसाद, सिजुआ एरिया के जीएम प्रकाश चंद्रा, ब्लॉक-टू एरिया के जीएम बीके सिन्हा व बस्ताकोला के जीएम आरके सिंह सहित अन्य शामिल थे.

इसे भी पढ़ें – RU ने सॉफ्टवेयर गड़बड़ी बताकर किया B.ED का मेरिट लिस्ट कैंसिल, एडमिशन नहीं लेने के दिये निर्देश

आउटसोर्सिंग टेंडर में गड़बड़ी के आरोप

वहीं आउटसोर्सिंग टेंडर में गड़बड़ी के आरोप भी जीएम कल्याण प्रसाद पर लग चुके हैं. दरअसल आउटसोर्सिंग कंपनी देवप्रभा प्राइवेट लिमिटेड एवं बीसीसीएल के दो जीएम के खिलाफ सीवीसी ने बीसीसीएल विजिलेंस को जांच का निर्देश है. आरोप है कि गलत परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट के आधार पर टेंडर देवप्रभा प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था. ये मामला 2415 करोड़ के आउटसोर्सिंग के टेंडर से संबंधित मामले से जुड़ा है. टेंडर में सात आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया था. लेकिन आखिर में सिर्फ देवप्रभा प्राइवेट लिमिटेड को रिवर्स टेंडर में रही.

जीएम के खिलाफ की गयी में आरोप है कि सबकुछ पहले से सिंडिकेट के तहत मैनेज था. इसमें बीसीसीएल के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है. टेंडर 14 फरवरी 2018 को हुआ था, जो ईस्ट भगतडीह इलाके का है. इस मामले में देवप्रभा प्राइवेट लिमिटेड को जारी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पर सवाल भी उठाया गया है.

साथ ही शिकायत में आरोप ये भी है कि देवप्रभा के काम को ज्यादा बताकर उसे परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट दिया गया. इसलिए तत्कालीन लोदना जीएम कल्याण जी प्रसाद एवं तत्कालीन ईजे एरिया के जीएम एके प्रसाद की भूमिका की इस मामले में भी जांच चल रही है.

 गुंडागर्दी और दबंगई में भी अव्वल

बीसीसीएल के जीएम कल्याण जी प्रसाद दबंगई में भी आगे हैं. अपने बेटे के क्लास के एक छात्र की बिग बाजार के पास पिटाई की थी. उस दौरान जीएम प्रसाद अपने परिजन व सीआइएसएफ बॉडीगार्ड के साथ थे. बाद में सरायढेला थाना में मामला जाने पर उन्होंने बच्चे और पैरेंट्स से माफी मांगी थी.

गौरतलब है कि जिस बच्चे की पिटाई जीएम ने की थी, उसके पिता रिटायर्ड एएसपी थे. उन्होंने सरायढेला थाना में मामला दर्ज कराया था. थानेदार ने जीएम कल्याण जी प्रसाद को थाना बुलाकर फटकार लगायी थी और कानून में रहने की नसीहत दी थी. जिसके बाद जीएम के माफी मांगने पर ही मामला खत्म हुआ था.

 

इसे भी पढ़ें – मालेगांव ब्लास्टः सांसद प्रज्ञा के नाम से रजिस्टर्ड बाइक को पंचनामा करनेवाले गवाह ने पहचाना

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: