न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रेत के अवैध खनन मामले में IAS चंद्रकला के आवास पर CBI रेड, एक साल में 90 फीसदी बढ़ी संपत्ति

986

Lucknow: सीबीआई ने शनिवार को उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 12 जगहों पर छापेमारी की है. रेत के अवैध खनन से जुड़े मामले में सीबीआई ने आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला सहित वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर रेड डाले. ज्ञात हो कि बी. चन्द्रकला भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियानों के लिए सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं. शनिवार की कार्रावई में उत्तर प्रदेश के जालौन, हमीरपुर, लखनऊ समेत कई जिलों के साथ ही दिल्ली में भी छापे मारे गए.

ज्ञात हो कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई मामले की जांच कर रही है. 2008 बैच की IAS अधिकारी बी. चंद्रकला का घर योजना भवन के पास सफायर एंड विला में है. फिलहाल, बी चंद्रकला डेप्यूटेशन पर हैं. यूपी में उनकी इमेज एक सख्त और ईमानदार अफसर की रही है. आइएएस चंद्रकला सोशल मीडिया में काफी मशहूर हैं. लोकप्रियता के मामले में चंद्रकला उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कहीं आगे हैं. फेसबुक पर चंद्रकला के 8,636,348 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वहीं, अखिलेश के फॉलोअर्स की संख्या 6,816,363 है.

पहले भी लग चुके हैं ‘दाग’

उल्लेखनीय है कि साल 2017 में IAS बी. चंद्रकला अपनी संपत्ति का ब्योरा देने में डिफॉल्टर साबित हुई थीं. दरअसल, सिविल सेवा अधिकारियों को 2014 के लिए 15 जनवरी 2015 तक अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड पेश करना था. लेकिन एक साल बीतने के बाद भी इन अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था. चंदकला का नाम भी इसमें शामिल था.

केंद्र सरकार के सामान्य प्रशासन एवं प्रशिक्षण विभाग की जानकारी के मुताबिक चंद्रकला की संपत्ति 2011-12 में सिर्फ 10 लाख रुपये थी. लेकिन 2013-14 में यह बढ़कर करीब 1 करोड़ रुपये हो गई. यानी एक साल में उनकी संपत्ति 90 फीसदी बढ़ी.

2011-12 में चंद्रकला ने आंध्र प्रदेश के उप्पल में 10 लाख रुपए में एक फ्लैट खरीदा था. अब लखनऊ के सरोजिनी नायडू मार्ग पर उनके पास अपनी बेटी कीर्ति चंद्रकला के नाम से 55 लाख का फ्लैट है. हालांकि उन्होंने दावा किया था कि यह फ्लैट उनके सास-ससुर ने उन्हें गिफ्ट किया था. वहीं आन्ध्र प्रदेश के अनूपनगर में भी चंद्रकला ने 30 लाख का एक मकान खरीदा है.

इसे भी पढ़ेंः 2020 तक ग्रामीण इलाकों में खुशहाली लाने का दावा हो रहा फिसड्डी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: