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दोषियों को सजा मिलने के बाद भी CBI कर रही है जांच, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Ranchi: बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि वह किस प्रावधान के तहत दो अभियुक्त को सजा दिए जाने के बाद भी आगे जांच कर सकती है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई 17 अगस्त निर्धारित की. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. इसे पहले सीबीआई की ओर से मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई. कोर्ट बताया गया कि मामले के दो अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा दी गई है. सीबीआई मामले में वृहत षड्यंत्र को देखते हुए जांच जारी रखें हुई है. इस पर कोर्ट ने पूछा कि जब इस मामले में ट्रायल पूरा हो गया है तब सीबीआई किस प्रावधान के तहत जांच जारी रखे हुई है. बता दे कि धनबाद सीबीआई की विशेष अदालत ने 6 अगस्त को दोषी राहुल वर्मा और लखन वर्मा को उम्र कैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. साथ ही ट्रायल कोर्ट ने धनबाद डालसा को यह निर्देश दिया है कि दिवंगत जज उत्तम आनंद के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाया जाये. यह फैसला दिवंगत जज उत्तम आनंद हत्याकांड की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज रजनीकांत पाठक ने सुनायी है.

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इससे पहले 28 जुलाई को जज उत्तम आनंद की पहली पुण्यतिथि के मौके पर ही कोर्ट ने ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को दोषी ठहराया था. इन दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना, या अपराधी को बचाने के लिए झूठी जानकारी देना) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत आरोप तय किए गए थे.

Sanjeevani

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