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गढ़वाः ज्यां द्रेज़ के साथ गिरफ्तार हुए दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज

28 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी, फिर तीनों को छोड़ दिया गया था

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Ranchi:  28 मार्च 2019 को जनमुद्दों पर चर्चा के लिए गढ़वा ज़िला के बिशुनपुरा प्रखंड में भोजन के अधिकार अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा एक जनसभा का आयोजन हुआ था. यह सभा पूरी तरह से गैर राजनीतिक थी. जहां जनसरोकर के विषय राशन, पेशन, मनरेगा आदि विषय पर विर्मश होना था. इस कार्यक्रम में किसी भी राजनैतिक दल के सदस्य को नही बुलाया गया था.

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पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बताया था

लेकिन इस सभा को स्थानीय पुलिस द्वारा चुनाव के आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बताया गया. पुलिस ने आयोजक विवेक गुप्ता व अनुज कुमार को, चर्चा के लिए निमंत्रित ज्यां द्रेज के साथ गिरफ्तार कर लिया. बिशुनपुरा थाना में उनको तीन घंटों तक रखा गया.

कहा गया उनको जमानत लेनी पड़ेगी. उन्हें एक बांड पर भी हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, कि उन्हें ”सरकार से कोई शिकायत नहीं है”.

वे हस्ताक्षर करने के लिए राज़ी नहीं हुए. जन दबाव एवं मीडिया में चर्चा के कारण पुलिस ने तीनों लोगों को उसी दिन छोड़ दिया.

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ज्यां द्रेज पर नही हुआ केस

अगले दिन ही, विवेक गुप्ता व अनुज कुमार पर धारा 144 के उल्लंघन के लिए धारा 188 व 34 अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गयी. एवं शांति भंग करने के आरोप में 6 अप्रैल को धारा 107 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गयी.

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लेकिन ज्यां द्रेज़ पर किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. वही सामाजिक कार्यकर्ता विवेक के घर जाकर पुलिस परिवार के सदस्यों को पेरशन भी कर रही है.

क्या कहते हैं सामाजिक कार्यकता विवेक

इस घटना से प्रशासन और पुलिस की कार्यशाली पर कई सवाल उठते हैं. किसी भी कार्यकर्ता को यह जानकारी नहीं थी कि चुनाव के आचार संहिता के लागू होने के बाद ही धारा 144 लगा दिया गया है. यह भी प्रतीत होता है कि आचार संहिता लागू होने के साथ-साथ धारा 144 लागू करने का प्रचलन बन गया है.

यह चिंताजनक है. चुनाव के समय धारा 144 का इस्तेमाल लोगों को उनके मुद्दों पर चर्चा (शांतिपूर्ण गैर-राजनैतिक बैठकों में) करने से रोकने के लिए किया जा रहा है.

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