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कोडरमा से बीजेपी की जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में केस

Pravin kumar

Ranchi: कोडरमा बीजेपी की जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. उन्हें एक समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण देना महंगा पड़ गया. इसके खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज किया गया है. जिसका नंबर 1696/आइएन/2019 है. बता दें कि कोडरमा के कोलगरमा गांव में मई 2018 को सांप्रदायिक तनाव हुआ था. इस दौरान शालिनी गुप्ता ने गांव में भड़काऊ भाषण दिया था. जहां एक ओर प्रशासन और स्थानीय लोगों के प्रयास से तनाव खत्म करने का प्रयास किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर अमन और शांति को तनाव में बदलने का प्रयास जारी था. इसी क्रम में भड़काऊ भाषण के जरिये शालिनी गुप्ता द्वारा तनाव बढ़ाने का मामला सामने आया था.

शालिनी गुप्ता ने क्या कहा था भाषण में 

शालिनी गुप्ता, अध्यक्ष जिला परिषद ने एक समुदाय को संबोधित करते हुए 30 मई 2018, दोपहर 3:00 बजे भाषण देते हुए कहा था कि एक मुल्क भी उठकर आ जाये तो संबंधित समुदाय को यहां आस्था प्रकट करने की छूट नहीं मिल सकती. बता दें कि शालिनी गुप्ता ने इसी घटना के चार महीने बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय में 18 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष लक्षमण गिलुवा और दीपक प्रकाश की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी.

मानवाधिकार आयेग में की गयी थी शिकायत

शालिनी गुप्ता की एक और तस्वीर.

30 मई 2018 को आप के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ संतोष मानव की ओर से मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की गयी थी. शिकायत में कहा था कि कोडरमा प्रखंड निवासी सह जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता द्वारा संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन किया गया. शालिनी के भड़काऊ भाषण पर सोशल मीडिया पर कमेंट्स भी आने लगे थे. इसके बाद शालिनी गुप्ता ने कमेंट्स करने वालों के खिलाफ नवलसाही थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते कमेंट करने वालों को गिरफ्तार भी किया. वहीं शालिनी गुप्ता के ऊपर संविधान के अनुच्छेद 25 के उल्लंघन वाले मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई. इसके बाद भी स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

क्या कहते है शिकायतकर्ता डॉ. संतोष मानव

इस संबंध में डॉ संतोष मानव कहते हैं कि भाजपा में शामिल होने के बाद शालिनी गुप्ता को भाजपा सरकार बचाने का काम कर रही है. अब तक इस पर कोई कार्यवही न होना सत्ताधारी दल के द्वारा कानून को ताक पर रखने जैसा है. कहा कि इस देश में मोदी की सरकार बनने के बाद एक खास समुदाय का होना गुनाह हो गया है. किसी धर्म पर प्रतिक्रिया देने से पहले वक्ता को देख लेना चाहिये कि यही प्रतिक्रिया अगर उनके धर्म पर दी जाये तो उसका क्या प्रभाव होगा. श्री मानव ने कहा कि मानवाधिकार आयोग अगर इस पर कार्रवाई नहीं करता है तो वे इस मामले को और आगे ले जाने से भी नहीं हिचकेंगे. देश को तोड़नेवाली ऐसी ताकतों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

मामले में पुलिस अधिकारी पर गिर चुकी है गाज

कोडरमा थानांतर्गत कोलगरमा में जून 2018 में दो समुदाय के बीच हुई मारपीट और तनाव की घटना के बाद बोकारो प्रक्षेत्र के आइजी के निर्देश पर एसपी एम तमिल वाणन ने कोडरमा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी आनंद मोहन को निलंबित कर दिया था. एक वरीय अधिकारी द्वारा इस घटना को लेकर एसडीपीओ अनिल शंकर द्वारा भी निष्क्रियता बरते जाने की भी बात कही गयी थी.

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