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कार्टून आहत नहीं करते, उनमें जख्म भरने की क्षमता: पीएम मोदी

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Mumbai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा रकि कार्टून आहत नहीं करते, बल्कि उनमें जख्मों को भरने की क्षमता होती है. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि महाराष्ट्र का कोई विश्वविद्यालय कार्टून के जरिये पिछले चार-पांच दशक के सामाजिक-राजनीतिक इतिहास का केस स्टडी के माध्यम से अध्ययन करे. प्रख्यात कार्टूनिस्ट दिवंगत आर. के. लक्ष्मण के जीवनकाल पर ‘टाइमलेस लक्ष्मण’ शीर्षक वाली एक कॉफी टेबलबुक के विमोचन पर प्रधानमंत्री ने यह बात कही. साथ ही कहा कि लक्ष्मण ने ‘आम आदमी’ जैसा कालजयी कार्टून चरित्र गढ़ा.

कार्टूनिस्ट भगवान के करीब होते हैं 

इस कार्यक्रम में फड़णवीस और राज्यपाल सी. विद्यासागर राव भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मोदी ने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से यह कहना चाहूंगा कि वह यह देखें कि क्या कार्टून के माध्यम से कोई विश्वविद्यालय सामाजिक राजनीतिक इतिहास पर अध्ययन कर सकता है. जिसका आधार लक्ष्मण का काम हो.’ उन्होंने कहा कि लक्ष्मण के कार्टून सामाजिक विज्ञान पढ़ाने का सबसे आसान तरीका हैं.

उन्होंने आर के लक्ष्मण की तारीफ करते हुए कहा कि वो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक मौलिक धागा थे जिन्होंने करोड़ों आम लोगों और उनके दिलों को एकसाथ रखा. साथ ही ‘कॉमन मैन’ कार्टून के डिजिटलीकरण और उसे एनीमेटेड स्वरूप में जारी करने के दिवंगत काटूर्निस्ट के परिवार के फैसले पर उन्हें बधाई दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्टूनिस्ट भगवान के करीब होते हैं, क्योंकि विभिन्न इंसानों के चरित्रों को बेहद बारीकी से देख सकते हैं.

मोदी ने याद करते हुए कहा कि कैसे लक्ष्मण के कार्टून ने उनके दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा यह महसूस करता था कि हवाईजहाज पर ‘महाराजा’ टैग क्यों होना चाहिए और आम आदमी का क्यों नहीं. मेरे विचार तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तक पहुंचे और कुछ विमानों में आम आदमी की तस्वीर नजर आई.’

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