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सावधान! बदलती तकनीक के साथ साइबर अपराधियों ने भी बदला ठगी का तरीका

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Ranchi: बदलती तकनीक के साथ साइबर अपराधियों ने भी ठगी करने का अपना तरीका बदल लिया है. शातिर साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके आजमा कर ठगी की घटना को अंजाम दे रहे हैं.

किसी को सस्ता लोन दिलाने के नाम पर ये लोगों को फांसते हैं तो कभी बैंक अधिकारी बन किसी से उसके एटीएम का पिन जान पैसे की निकासी कर लेते हैं. नौकरी समेत दूसरे तरह का लालच देकर भी ठगी की जाती है.

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साइबर अपराधी के ठगी करने के तरीके

1- बैंक का अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का पिन या क्रेडिट कार्ड का ओटीपी लेना, यह तरीका पुराना है लेकिन अपराधी इस माध्यम से ठगी कर रहे है.

2- लॉटरी निकलने के नाम पर- साइबर अपराधी ईमेल के जरिए आपको एक, दो या पांच करोड़ रुपये की लॉटरी निकलने का दावा करते हैं. हर किसी के पास इस संबंध में मेल आते रहते हैं. रातों-रात करोड़ों की लॉटरी लगने के लालच में लोग फंस जाते हैं.

3- प्रधानमंत्री योजना के नाम पर- इस योजना को लेकर एक ठग ने नकली सरकारी वेबसाइट बना डाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो करोड़ युवाओं को मुफ्त में लैपटॉप बांटने की झूठी जानकारी देकर ठगी करने की योजना बना डाली. विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर ऐसी फर्जी वेबसाइट बनाई जाती हैं और लोगों को फांसने का काम किया जाता है.

4 -ऑनलाइन सामान बेचने-खरीदने के नाम पर-
ऐसी साइटों से आपका नंबर लेकर ठग सामान खरीदने के लिए फोन करते हैं. फिर एक लिंक भेजकर कहते हैं कि इससे हम आपको ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं. जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके पैसे निकाल लिए जाते हैं.

5- विदेशों में नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी- नौकरी के लिए लोग अमूमन कई वेबसाइट में अपना बायोडाटा अपलोड करते हैं, उनसे डाटा निकाल लिया जाता है. फिर फोन या ईमेल से आपसे संपर्क किया जाता है. जो विदेशों में नौकरी के लालच में फंस जाते हैं, उससे लाखों रुपये ठग लिए जाते हैं.

6- विदेशी दुल्हन या दूल्हे से रिश्ते की आड़ में ठगी- साइबर अपराधी लोगों को अपनी आइडी पर किसी विदेशी लड़की की फर्जी फोटो लगाकर फांसते हैं. फोन करके या संदेश भेजकर कहते हैं कि आपके लिए एक महंगा उपहार ला रही थी, हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है. तुरंत पैसा भेजें. लोग उपहार के लालच में पैसा गंवा देते हैं.

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24 में 22 जिलों में साइबर अपराधी सक्रिय

झारखंड में साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. जामताड़ा साइबर अपराध के लिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान तो बना ही चुका है. लेकिन इस बीच हैरत करने वाली एक और बात सामने आयी है.

झारखंड के 24 में 22 जिलों में साइबर अपराधी सक्रिय हो गये हैं. यहां लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध पर पुलिस अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही है.

150 से ज्यादा साइबर गैंग सक्रिय

जानकारी के अनुसार, झारखंड में साइबर अपराध के 150 गिरोह सक्रिय हैं. इनमें से कई गिरोहों को झारखंड पुलिस ने चिह्नित भी कर लिया है.

हालांकि, झारखंड पुलिस के लिए ये गिरोह बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन पुलिस अब इनका सफाया करने के लिए सक्रिय दिख रही है. कई अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की भी तैयारी चल रही है.

साइबर क्राइम के ज्यादातर मामले एटीएम से जुड़े होते हैं. अपराधी बुजुर्ग या महिलाओं को शिकार बनाते हैं. ये लोग एटीएम के बाहर अकेले में लोगों को शिकार बनाते हैं.

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