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किसान भाई सावधान! पहले कहा 2019 में ही बांट देंगे मोबाइल, अब सरकार कर रही है 2021 में बांटने की बात

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Ranchi: किसान किसी भी राज्य के सबसे बड़े वोट बैंक होते हैं. लिहाजा इस बैंक में सेंधमारी का मायना चुनावी मौसम में जीत और हार से होता है. चुनाव से पहले सरकार और राजनीतिक पार्टियां किसानों के लिए कई तरह की लोकलुभावन घोषणाएं करती हैं. लेकिन किसानों को सावधान रहने की जरूरत है. तीन नवंबर को कृषि समागम में किसीनों से मीडिया के सामने एक वादा किया गया. वादा था राज्य भर के 28 लाख किसानों को फोर जी स्मार्ट फोन देने का. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा था कि 2019 के बजट में ही इसे पास कराया जाएगा और किसानों के बीच मोबाइल बांट दिए जाएंगे. लेकिन ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट आते-आते महज 26 दिनों में यह योजना तीन बरसों की हो गयी.

फैक्ट फाइल

किसे- 28 लाख किसानों को

क्या – 4जी स्मार्ट मोबाइल फोन

कब – 2019 में देना था

क्यों – बाजार के हिसाब से अपडेट रहें

सीएम कह रहे 2021 तक मोबाइल मिलेगा किसानों को

ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट के पहले दिन करीब पांच हजार किसानों से भरे खेलगांव के शेख भिखारी स्टेडियम में फिर से एक बार सीएम ने किसानों के बीच मोबाइल बांटने की बात कही. उनका कहना था कि 2022 तक किसानों को किसी भी हाल में अपनी आय चौगुनी करनी है. इसी क्रम में उन्होंने कहा कि राज्य के 28 लाख किसानों को बिचौलियों से बचाने और नयी जानकारियों से लैस करने के मकसद से सरकार अगले तीन वर्षों में इन सभी को मुफ्त मोबाइल फोन देगी. बाजार में पल-पल चीजों के भाव से अवगत कराने और समय के अनुरूप अपनी फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के 28 लाख किसानों को सरकार निःशुल्क मोबाइल फोन प्रदान करेगी ताकि हमारे किसान भी बाजार के बदलते परिवेश के अनुसार खुद को ढाल सकें.

टेंडर के लिए जैप आइटी के पास नहीं आया कोई निर्देश

जैप आइटी का कहना है कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. उन्हें नहीं पता कि कृषि विभाग खुद ही टेंडर करेगा या फिर उन्हें टेंडर के लिए दिया जाएगा. विभाग की तरफ से भी टेंडर के लिए कोई सुगबुगाहट नहीं है. ऐसे में सही आकलन नहीं लगाया जा रहा है कि आखिर किसानों को मोबाइल कब मिलेगा और मिलेगा तो कहीं उनके भी मोबाइल का हाल सखी मंडल की महिलाओं की तरह ना हो जाये. जो पहले दिन से ही खराब हो गया.

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