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छोटे बच्चों की देखभाल बहुत जरूरी, बदलता मौसम बच्चों की सेहत पर प्रभाव छोड़ता है

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Ranchi: मौसम भले ही कोई भी हो, छोटे बच्चों की देखभाल करना बहुत ही जरूरी है. बदलते मौसम में नवजात बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है. नवजात शिशु बहुत नाजुक होते हैं और बदलता हुआ मौसम नवजात शिशु की सेहत पर बुरा असर डालता है. बच्चों की देखभाल में माता पिता को कोई कोताही नहीं बरतना चाहिए. उनके खान-पान से लेकर रहन सहन सभी में विशेष ध्यान रखने की जरुरत होती है. कुछ ऐसे ही बच्चों से जुड़े विषयों पर शिशु रोग विषेशज्ञ डॉ एस कुमार से जानकारी ली गई. प्रस्तुत है डॉ एस कुमार से हुई बातचीत के कुछ अंश.

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प्रश्न : बच्चों को बीमारी से कैसे बचाया जाये ?

उत्तर : अभी मौसम में काफी बदलाव हो रहा है. कभी गर्मी, कभी ठंड तो कभी बारिश हो जा रही है. ऐसे में इस मौसम में बच्चों के पहनावे-ओढावे में विशेष ध्यान रखना चाहिए. इन दिनों इंफेक्‍शन भी फैल रहा है. छोटे बच्चों को फुल बांह के कपड़े पहनाने चाहिए. बच्चों को हमेशा नर्म, साफ सुखे और सूती कपड़े पहनाने चाहिए. फैन और ऐसी का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए. मौसम भले ही कोई भी क्यों हमेशा स्वच्छ पानी का सेवन करना चाहिए. क्योंकि दूषित पानी पीने से सेहत संबंधी कई बीमारियां पैदा हो जाती है. पानी को हमेशा उबालकर, छानकर पीना चाहिए या फिर आप फिल्टर के पानी का सेवन कर सकते हो.

प्रश्न : बच्चों का खान-पान कैसा हो?

उत्तर : खान-पान संतुलित होना चाहिए. बाहर का खाना नहीं देना चाहिए. खाना ढककर रखना चाहिए. इसके अलावा घर के आस-पास गंदगी ना हो इसपर विशेष ख्याल रखना चाहिए. फिल्टर और उबला हुआ पानी ही देना चाहिए. अपने घर के आस पास पानी को जमा न होने दें. क्योंकि जमा पानी से मच्छर पैदा होते हैं, जो डेंगू या चिकनगुनिया का कारण बनते हैं. इस मौसम में अपने बच्चों के बिस्तर के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए.

प्रश्न : बच्चों को गैजेट से दूर रखना चाहिए या नहीं ?

उत्तर : इलेक्ट्रॉनिक गैजेट खतरनाक होते है. बच्चों को इनसब से दूर रखना चाहिए. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बच्चों के लिए नहीं बडों के इस्तेमाल के लिए है. इन सब से बच्चों के मन में बुरा प्रभाव पड़ता है. जितना ज्यादा हो सके बच्चों को बाहर मैदान में घुमाने या खेलने के लिए प्रेरित किया जाये. इससे उनका मानसिक विकास भी होगा.

प्रश्न : छोटे बच्चों में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी देखी जा रही है?

उत्तर : आज कल लोगों में फास्ट फुड, जंक फुड एवं पैकेट का खाना खाने की आदत बढ़ गई है. यह बहुत ही खतरनाक होता है. पैकेट बंद खाने में मिलावट की आंशक रहती है. वहीं इन दिनों लोगों में दवाईयों का सेवन भी अनायास बढ़ गया है. हल्की बीमारी में भी लोग मेडिसीन शॉप से दवा लेकर खा लेते है. लोगों को इन सब से बचना चाहिए. इन्हीं सब कारण से बच्चों में इस प्रकार की समस्याओं की वृद्धि हो रही है. बच्चों को बचपन में ही प्रोपर वैक्सीन लगवा देने चाहिए.

प्रश्न : डॉ और मरीजों के बीच मारपीट क्यों बढ़ गई है?

उत्तर :  इसके लिए दोनों तरफ के लोग जिम्मेवार होते है. मरीजों को धैर्य रखना चाहिए. डॉक्टरों में भी सहनशिलता होनी चाहिए. मरीज को उसके बीमारी से संबंधित सभी बातें बता देनी चाहिए. मरीज को डे टू डे उसकी स्थिति की जानकारी भी देते रहना चाहिए. इससे मरीज और उनके परिजन भी निश्चित रहेंगे. डॉक्टरों को लिखकर सभी बातें समझा देनी चाहिए. वहीं कई बार भारी भरकम बिल की वजह से भी झगडा हंगामा हो जाता है. हॉस्पिटल मैनेजमेंट को इन बातों पर ध्यान रखना चाहिए. अनाप-शनाप बिल न दें.

प्रश्न : आयुष्मान भारत योजना सफल होगी ?

उत्तर : यह सरकार की बहुत ही अच्छी स्कीम है. इसमें देखना होगा कि इस योजना का दुरुपयोग न हो. इस योजना के तहत गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छे अस्पताल में अपना ईलाज करा सकते है. अस्पताल प्रबंधन को भी यह देखना होगा इसका दुरुपयोग न हो. जितना खर्च हुआ है उतना का ही बिल दें, बिल बढ़ा कर न दिखायें.

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