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काम पूरा होने से पहले टूटने लगा कंसजोर जलाशय का नहर, जांच के लिये हाईकोर्ट से गुहार

Ranchi: पाकरटांड़ (सिमडेगा) में कंसजोर जलाशय से निकलने वाले नहर के जीर्णोद्धार का काम अंतिम चरण में है. कांग्रेस प्रदेश सदस्य सह इंटक प्रदेश सचिव दिलीप तिर्की ने एक बार फिर इसकी क्वालिटी को लेकर सवाल उठाये हैं. मंगलवार को उन्होंने कहा कि जीर्णोद्धार का काम अंतिम चरण में ही है और अभी से यह सवालों के दायरे में है. नहर का काम पूरा हुआ नहीं है और नहर टूटने लगे हैं. इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और सरकार के पास बात रखी गयी. अब हाईकोर्ट में फरियाद की गयी है. उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी गयी है.

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जांच टीम को नहीं मिली गड़बड़ी

दिलीप तिर्की के मुताबिक कंसजोर जलाशय से निकलने वाले नहर से किसानों को बड़ी आस है. कई गांवों के लिए यह एक बहुत बड़ी महत्वाकांक्षी योजना है. इससे 17 से 20 किलोमीटर तक के दायरे में किसान सालों भर कई तरह की खेती कर सकते हैं. उनके खेत लहलहा सकते हैं. पर शुरू से ही इस योजना में अनियमितता हो रही है. इसमें जलपथ प्रमंडल विभाग के कई प्रमुख अधिकारियों की भी संलिप्तता है. इस काम को क़्वालिटी कंट्रोल सर्टिफिकेट दिये जाने में भी अनियमितता हुई है.

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उनके कई बार तथ्यपूर्ण लिखित आरोप लगाने के बाद जांच टीम बनी. पर टीम के द्वारा हमेशा यह कहा गया कि काम में कोई गड़बड़ी नहीं. इस तरह की रिपोर्ट से सरकार और सिमडेगा डीसी को भी भ्रमित किया गया है. विधानसभा में भी संबंधित विभाग ने यही जवाब दिया कि सारे आरोप गलत हैं.

हकीकत यह है कि देशभर में इससे घटिया क्वालिटी का नहर नहीं बना होगा. पाकरटांड़ प्रखंड में बन रहे नहर की क्वालिटी की जांच के सारे सबूतों और तथ्यों के साथ हाईकोर्ट में अपील की है. जिले में कई अधिकारी भ्रष्टाचार को अपनी आदतों में शुमार कर चुके हैं. नहर के अलावा जिले के कई ऐसे मामले हैं जिसे उच्च न्यायालय लेकर वे जायेंगे.

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