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स्वाभिमान के बिना खेल में जीत नहीं हो सकती : मोहन भागवत

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  • धनबाद में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन का तीसरा और अंतिम दिन
  • सुरक्षा के नाम पर लोगों का काला कपड़ा उतरवा लिया गया 

Dhanbad:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ संचालक मोहन भागवत ने कहा कि जाति, पाति, धर्म और अपना अहंकार त्याग कर टीम भावना के तहत एक कप्तान के नियंत्रण में खेलने से ही विजय होगी. देश के लिए खेलो. स्वास्थ्य और मानसिक विकास के लिए खेलो. खेल हमारे लिए आवश्यक है. इससे हमें टीम भावना के तहत काम करने की प्रेरणा मिलती है. क्रीड़ा भारती के धनबाद में तीन दिनों से चल रहे राष्ट्रीय अधिवेशन की समाप्ति पर रविवार को मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खुले सत्र को संबोधित करते हुए सर संघ संचालक बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि खेल जगत में स्वाभिमान की कमी है. इसके बिना हम जीत नहीं सकते. कहा कि देश और व्यक्ति की क्षमता के प्रदर्शन के लिए खेल का महत्व है. उन्होंने हिटलर की बात की. हिटलर ने बर्लिन में ओलंपिक इसलिए कराया ताकि ज्यादा पदक जीत कर अपने देश की श्रेष्ठता सिद्ध कर सके.

राजनीतिक से दूर रहकर क्रीड़ा भारती को आगे बढ़ना है 

राजनीतिक उठा पटक से दूर रह कर क्रीड़ा भारती को आगे बढ़ना है. हमारा काम राजनीति करना नहीं है हमारा काम संगठन का विस्तार है. आज जमाना बदल गया है. आज शिक्षा, स्वस्थ्य, क्रीड़ा में सरकार है इसलिए  राजनीति है. लेकिन क्रीड़ा भारती को राजनीतिक मतभेद से दूर रहना है. सरकार खेल के क्षेत्र में कैसे ध्यान दें. इसके लिए संघ पालिसी इंटरवेंशन कर सकते हैं. अपनी बातों को सरकार को रख सकते हैं.

धनबाद अधिवेशन को मील का पत्थर बताया 

सर संघ चालक मोहन भागवत ने क्रीड़ा भारती के अंतिम दिन के अधिवेशन को राजकमल में अपने संबोधन में यह कहा. उन्होंने कहा कि धनबाद का अधिवेशन हमारे लिए हमारे कार्य में मील का पत्थर है. मील का पत्थर एक क्रमिक विकास को दर्शाता है. आगे बढ़ने के लक्ष्य को बताता है. क्रीड़ा भारती के सामने एक भव्य लक्ष्य है. खेल के क्षेत्र में बहुत सारे संगठन हैं. लेकिन हम पूरे मूल को ध्यान में रखकर बढ़े हैं. खेल एक समग्र चिंतन है. क्रीड़ा भारती को शुरुआती दिनों से देखने को मिला इसलिये जानता हूं.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये

क्रीड़ा भारती के अधिवेशन और उसमें आने वाले मुख्य अतिथियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल राजकमल विद्या मंदिर और बरवाअड्डा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी. हर आने जाने वाले की मेटल डिटेक्टर से सुरक्षा जांच की गयी. धनबाद के उपायुक्त ए दोड्डे, एसएसपी किशोर कौशल, एसपी पीयूष गोयल, एसडीओ राज राजेश्वरम, कई थानों के इंस्पेक्टर समेत सैकड़ों पुलिस के जवान सुरक्षा में तैनात थे. हर किसी को सभी तरफ जाने की इजाजत नहीं थी. आसपास के बिल्डिंग्स पर भी सुरक्षा कर्मी तैनात होकर पूरी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. सुरक्षा के नाम पर लोगों का काला कपड़ा उतरवा लिया गया. मुख्यमंत्री और भागवत की सुरक्षा के लिए मोबाइल फोन को जैमर लगा अनुपयोगी बना दिया गया.

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