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हत्या की रात क्या हुआ था रांची की निर्भया, विदिशा और अफसाना के साथ, नहीं बता पा रही है सीबीआई, सीआईडी और पुलिस

2013 में विदिशा, 2016 में निर्भया और 10 महीने पहले कर दी गयी थी अफसाना की हत्या

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Ranchi: सरकार का नारा है बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ. लेकिन हकीकत में यह नारा कितना प्रभावी है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 5 साल के दौरान राजधानी रांची में कई ऐसी बेटियां की हत्या कर दी गयी, जिनका आज तक खुलासा करने में और हत्याकांड में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिल पायी है. ऐसे चर्चित हत्याकांड का खुलासा करने में झारखंड पुलिस, सीआईडी और सीबीआई लगी हुई है लेकिन सफलता अब तक हाथ नहीं लगी है. वहीं पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिलने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है.

विदिशा हत्याकांड 

13 सितंबर 2013 को बरियातू थाना क्षेत्र के हाई क्यू इंटरनेशनल स्कूल की 14 वर्षीय छात्रा विदिशा का शव हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था. इसके बाद सीआईडी मामले की जांच में जुटी थी. घटना के लगभग पांच सालों के बाद सीआईडी ने इस बात का खुलासा किया था कि विदिशा ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या हुई थी. इस बात की पुष्टि सीआईडी जांच और समीक्षा रिपोर्ट में हो चुकी है. सीआईडी एसपी ने मामले की समीक्षा रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम में इस बात का खुलासा किया गया है कि मेडिकल बोर्ड ने छात्रा के गले में लिगेचर मार्क राउंड द नेक पाया है. और अगर विदिशा ने साधारण रूप से आत्महत्या की होती, तो लिगेचर मार्क यू शेप में पाया जाता. वहीं, जिसे सुसाइड नोट करार दिया गया था, वह सुसाइड नोट है ही नहीं. वह तो विदिशा की रोजाना की आदत थी कि वह डायरी में अपने मन की बात लिखे. गौरतलब है कि घटना के बाद मृतका के पिता विकास कुमार राय ने बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की हत्या का आरोप स्कूल के चेयरमैन हरिनारायण चतुर्वेदी और स्कूल के प्रशासक सुभाष क्रिपेकर पर लगाया था. लेकिन आज तक हत्याकांड में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.

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 निर्भया हत्याकांड 

16 दिसंबर 2016 को बूटी बस्ती में हुए बहुचर्चित निर्भया हत्याकांड के दो साल से ज्यादा समय हो गये  है, लेकिन इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. बूटी बस्ती में रहकर बीटेक की पढ़ाई करने वाली छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी थी. फिर उसकी हत्याकर शव को तेजाब से जलाने का प्रयास किया था. लेकिन अब तक इस हत्‍याकांड का खुलासा न तो रांची पुलिस, ना सीआईडी और ना ही सीबीआई ही कर पायी है. निर्भया हत्‍याकांड में अब तक 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की गयी. आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने हर जगह सुराग तलाशा, लेकिन सभी जगहों से पुलिस खाली हाथ ही लौटी. बेबस पिता अब भी यह जानना चाहते हैं आखिर उस रात हुआ क्‍या था.  लेकिन दो साल पूरे होने और पुलिस को हत्‍याकांड में कुछ हाथ न लगने से वे अपनी उम्‍मीद खो चुके हैं.

अफसाना परवीन हत्याकांड 

पुंदाग में रहनेवाली 20 वर्षीय अफसाना परवीन की हत्या के 10 महीने बीत जाने के बाद भी हत्यारे का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. मारवाड़ी वीमेंस कॉलेज की पार्ट -2 की छात्रा अफसाना परवीन 6 अप्रैल को लापता हो गयी थी. जिसके बाद 8 अप्रैल को लोहरदगा के नगजुआ गांव से उसकी लाश अधजली अवस्था में मिली थी. इस मामले में अभी तक हत्यारे के बारे में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है. अफसाना परवीन 6 अप्रैल को फॉर्म भरने के लिए दिन के 11:30 बजे पुंदाग स्थित अपने घर से मारवाड़ी कॉलेज के लिए निकली थी. शाम तक वह घर नहीं पहुंची. जिसके बाद परिजनों ने खोजबीन शुरू की थी. 8 अप्रैल को अफसाना परवीन की हत्या कर दी गयी और उसकी लाश जला कर कैरो थानांतर्गत नगजुआ गांव में फेंक दी गयी थी. इस मामले की जांच लोहरदगा जिले के कैरो थाना की पुलिस कर रही है.

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