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#CAAProtests : देश में जारी हिंसा को लेकर विपक्षी नेताओं ने कहा, इसकी जिम्मेदार सत्तारूढ़ पार्टी है, राष्ट्रपति से मिलेंगे

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NewDelhi : नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश में जारी हिंसा के बाद राजनीति चरम पर है. सोमवार को विपक्षी नेताओं ने देश भर में जारी विरोध-प्रदर्शन, हिंसा व जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हुई घटना को लेकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी और अमित शाह को घेरा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, माकपा नेता सीताराम येचुरी, राजद नेता मनोज झा, भाकपा के डी राजा और लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव मौजूद थे.  सभी नेताओं ने जामिया यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में न्यायिक जांच की मांग की.  जानकारी दी गयी कि  विपक्षी नेता आज शाम पांच बजे राष्ट्रपति से  मिलेंगे.

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कोई राज्य नहीं बचा जहां विरोध न हो रहा हो : आजाद

गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि इस वक्त देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.  ऐसा कोई राज्य नहीं बचा जहां विरोध न हो रहा हो.  आजाद ने कहा, पुलिस कैंपस में घुसी, लाइब्रेरी में जाकर, बाथरूम में जाकर छात्रों को पीटा.  अंधेरे में वहां छात्र फंस गये थे.  लड़कियां बचाओ, बचाओ चिल्ला रही थीं. आजाद ने कहा कि विरोध प्रदर्शन छात्र जीवन का हिस्सा है.  जिस यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन नहीं, मैं मानता हूं कि वहां के बच्चे गूंगे समान हैं.  आजाद ने यह भी सवाल उठाया कि यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार की इजाजत के बिना पुलिस घुस नहीं सकती फिर क्यों घुसी.

ऐसी घटना की हम निंदा करते हैं. देश के कई इलाकों में छात्रों के प्रदर्शन चल रहे हैं. केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कोलकाता, आजमगढ़, सूरत, वाराणसी, बिहार, सीमांचल, औरंगाबाद, कानपुर, मुंबई और नार्थ-ईस्ट में प्रदर्शन हो रहे हैं. कई जगहों पर इंटरनेट बंद कर दिया गया है

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पीएम मोदी कहते हैं कि यह सब कांग्रेस करवा रही है…

पीएम मोदी कहते हैं कि ये सब कांग्रेस करवा रही है तो मैं यही कहना चाहता हूं कि कांग्रेस में इतनी ताकत होती तो आप सत्ता में नहीं होते. इन विरोध प्रदर्शनों की जिम्मेदार सत्तारूढ़ पार्टी है.  सीताराम येचुरी ने कहा, ‘यह मुद्दा हिंदू-मुसलमान का नहीं है. यह घटना लोकतंत्र पर हमला है, संविधान पर हमला है. पुलिस को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति किसने दी, इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए.

विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा, अगर सरकार ऐसा असंवैधानिक बिल न लायी होती, तो ऐसे हालात पैदा नहीं होते.  आरोप लगाया कि भाजपा इसे साम्प्रदायिक बना रही है, हम इसकी निंदा करते हैं.   सीताराम येचुरी और डी राजा ने पूछा कि दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के दौरान गृह मंत्री अमित शाह कहां थे? उन्होंने जामिया यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ और हिंसा के लिए जिम्मेदार शख्स को सबके सामने लाने और उसपर कार्रवाई की मांग की.

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