न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#CAAProtest  : CJI ने कहा, देश कठिन समय से गुजर रहा है, हिंसा रुकेगी, तो संवैधानिकता पर सुनवाई करेंगे

JI बोबडे ने कहा कि हम कैसे घोषित कर सकते हैं कि संसद द्वारा पारित एक अधिनियम संवैधानिक है? हमेशा संवैधानिकता का ही अनुमान लगाया जाता है.

82

NewDelhi : CJI एस ए बोबडे ने  CAA  के संदर्भ में कहा है कि देश कठिन समय से गुजर रहा है. शांति के लिए प्रयास होना चाहिए. खबरों के अनुसार नागरिकता संशोधन बिल(CAA) के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. इसी क्रम में सीजेआई CJI एस ए बोबडे ने कहा कि देश कठिन समय से गुजर रहा है.

जान लें कि पुनीत कौर ढांडा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर CAA पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. याचिका में कहा गया है कि झूठी अफवाहें फैलाने वाले एक्टिविस्ट, छात्रों, मीडिया हाउसों के खिलाफ कार्रवाई की जाये.

Mayfair 2-1-2020

इसे भी पढ़ें : #NirbhayaCase: फांसी से बचने के लिए नया ड्रामा, दोषी विनय ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन

याचिका में CAA को संवैधानिक घोषित करने की मांग की गयी है

याचिका में CAA को संवैधानिक घोषित करने की मांग की गयी है. इसे लेकर सीजेआई ने कहा कि जब हिंसा रुकेगी हम संवैधानिकता पर सुनवाई करेंगे.  साथ ही CJI बोबडे ने कहा कि हम कैसे घोषित कर सकते हैं कि संसद द्वारा पारित एक अधिनियम संवैधानिक है? हमेशा संवैधानिकता का ही अनुमान लगाया जाता है. यदि आप किसी समय कानून के छात्र रहे तो आपको पता होना चाहिए.  

CAA के खिलाफ देश के कई हिस्सों में  विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.  गुरुवार को CAA-NRC के विरोध में भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में गैर राजनीतिक संगठन राष्ट्र मंच के बैनर तले मुंबई से दिल्ली तक गांधी शांति यात्रा की शुरुआत की गयी है.  खबर है कि यात्रा जब गुजरात से गुजरेगी, तो विभिन्न विपक्षी दलों के नेता शामिल हो सकते है.

Vision House 17/01/2020

इसे भी पढ़ें :  आज से 17 देशों के राजनयिकों का दो दिवसीय कश्मीर दौरा, यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधि शामिल नहीं

गांधी शांति यात्रा की शुरुआत मुंबई के अपोलो बंदर से नौ जनवरी को  हुई 

गांधी शांति यात्रा की शुरुआत मुंबई के अपोलो बंदर से नौ जनवरी को शुरू हुई है. 3,000 किलोमीटर लंबी यह यात्रा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होते हुए 30 जनवरी को दिल्ली के राजघाट पर समाप्त होगी.  यात्रा के संबंध में यशवंत सिन्हा ने मुंबई में पत्रकारों से  कहा कि वह  CAA को रद्द करने और जेएनयू की तरह ‘राज्य प्रायोजित हिंसा  के मामलों की सुप्रीम कोर्ट के  वर्तमान न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच की मांग के लिए यात्रा  कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें : CBI जज लोया मर्डर केस की दोबारा जांच करवा सकती है महाराष्ट्र सरकार, बढ़ सकती है अमित शाह की मुश्किलें

Ranchi Police 11/1/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like