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अमेरिका को दरकिनार कर 16 एशियाई देश नया कारोबारी गुट बनाने की कवायद में जुटे

अमेरिका को दरकिनार करते हुए 16 एशियाई देश एक नया कारोबारी गुट बनाने की कवायद में जुट गये हैं

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NewDelhi  : अमेरिका  को  दरकिनार करते हुए 16 एशियाई देश एक नया कारोबारी गुट बनाने की कवायद में जुट गये  हैं.  खबरों  के  अनुसार  इस साल के अंत तक दुनिया का सबसे बड़ा नया कारोबारी गुट अस्तित्व में आने की संभावना है.  रविवार को  रीजनल कॉम्प्रिहेन्सिव इकनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) के आलोक में 16 देशों के मंत्रियों ने टोक्यो में मुलाकात कर  आपसी मतभेद दूर करने के प्रयास किये. बता दें  कि  इस गुट में भारत, चीन, जापान तो शामिल हैं,  जबकि अमेरिका को  नहीं  रखा गया  है.  कहा जा रहा है कि अगले कुछ  माह   में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर आम सहमति बन  जायेगी. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में  जापान के ट्रेड मिनिस्टर हिरोशिगे सेको ने कहा  कि एग्रीमेंट का मार्ग अब पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है.  कहा  कि  जैसे-जैसे संरक्षणवाद दुनिया में बढ़ रहा है, एशियाई क्षेत्र के लिए यह महत्वपूर्ण हो गया है कि हम फ्री ट्रेड के तहत आगे बढ़ें.  इस पार्टनरशिप में आसियान के 10 सदस्य देशों के अलावा दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यू जीलैंड भी शामिल हैं.   यह पार्टनरशिप दुनिया की एक तिहाई अर्थव्यवस्था को और करीब आधी आबादी को कवर कर  सकती  है.  हालांकि   इस बात की संभावना नहीं है कि यह पैक्ट इसी साल की शुरुआत में बने 11 देशों के कॉम्प्रिहेन्सिव ऐंड प्रोगेसिव अग्रीमेंट फॉर ट्रांस पैसपिक पार्टनरशिप की तरह लेबर और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उच्च मानकों को लागू करेगा.

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 इस समय ग्लोबल ट्रेडिंग सिस्टम के लिए बड़ी चुनौतियां हैं  : चान चुंग सिंग  

खबरों  के  अनुसार इन देशों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं.  लेकिन सबसे बड़ी बाधा भारत की  वह मांग कि गुड्स ऐंड सर्विसेज पर टैरिफ्स को घटाने के किसी भी समझौते में लोगों को बिना रोकटोक आवाजाही की इजाजत भी मिलनी चाहिए. दरअसल, भारत अपने उच्च कुशल IT सेक्टर के लोगों के लिए इस तरह का फ्री मूवमेंट चाहता है.  सिंगापुर के ट्रेड मिनिस्टर चान चुंग सिंग ने रविवार को कहा, इस समय ग्लोबल ट्रेडिंग सिस्टम के लिए बड़ी चुनौतियां हैं. यह हमें इस बात की प्रेरणा देता है कि हम RCEP प्रक्रिया को निष्कर्ष तक पहुंचाने की कोशिश करें. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर जारी है। ऐसे में RCEP पर आगे बढ़ने से अमेरिका पर ट्रांस पसिफ़िक पार्टनरशिप (TPP) में फिर से शामिल होने का दबाव बढ़ सकता है.  इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा चीनी सामानों पर लगाये गये  टैरिफ को छहजुलाई से प्रभावी होना है.  जबकि  चीन  इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कह रहा  है.

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