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#Jammu_Kashmir में 12,500 से अधिक पंचायत सीटों पर पांच मार्च से उपचुनाव

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NewDelhi :  जम्मू-कश्मीर की 12,500 से अधिक पंचायत सीटों पर उपचुनाव पांच से 20 मार्च तक आठ चरणों में संपन्न होंगे.  केन्द्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने गुरुवार को यह जानकारी दी. कुमार ने कहा कि चुनाव पांच मार्च से 20 मार्च के बीच होंगे.  मतदान के लिये मतपत्रों का इस्तेमाल किया जायेगा. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है. कुमार ने कहा कि उपचुनाव मतदान का पहला चरण 5 मार्च, दूसरा 7 मार्च, तीसरा 9 मार्च, चौथा 12 मार्च, पांचवा 14 मार्च, छठा 16 मार्च, सातवां 18 मार्च और आठवां 20 मार्च को होगा.

पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर, 2018 में संपन्न हुए थे. । इस दौरान 22,214 पंच और 3459 सरपंच निर्वाचित हुए थे.  चुनाव 33592 पंच और 4290 सरपंच निर्वाचन क्षेत्रों में हुए थे. कई निर्वाचित प्रतिनिधियों के निधन और कई के इस्तीफे से पदों के रिक्त होने के कारण ये उपचुनाव कराए जा रहे हैं.

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केंद्रशासित प्रदेश बना दिये जाने के बाद यह पहली बड़ी राजनैतिक गतिविधि  

पिछले वर्ष अगस्त में जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किये जाने और उसे केंद्रशासित प्रदेश बना दिये जाने के बाद यह पहली बड़ी राजनैतिक गतिविधि होगी.  2018 में हुए पंचायत चुनाव में दो प्रमुख पार्टी नेशनल कॉंफ्रेस और PDP ने चुनाव का बहिष्कार किया था जिसके बाद लगभग 12 हजार सीटे खाली रह गयी थी. इधर कश्मीर के हालत का जायजा लेने के  लिए आये विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल को सेना के अधिकारियों ने गुरुवार को सुरक्षा हालात के बारे में जानकारी दी.

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25 विदेशी राजनयिकों का दूसरा प्रतिनिधिमंडल कश्मीर पहुंचा 

जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत प्राप्त विशेष दर्जा वापस लिये जाने के छह महीने बाद केंद्रशासित प्रदेश की स्थिति का मौके पर जाकर आकलन करने के उद्देश्य से 25 विदेशी राजनयिकों का दूसरा प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कश्मीर पहुंचा था. राजनयिकों के इस दौरे का आयोजन केन्द्र सरकार ने किया था. अधिकारियों ने बताया कि यहां बदामी बाग कैंट में राजनयिकों को सुरक्षा हालात की जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जम्मू जायेगा.

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इस दल में अफगानिस्तान, आस्ट्रिया, बुल्गारिया, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, डोमिनिकन रिपब्लिक, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, गिनिया गणराज्य, हंगरी, इटली एवं केन्या के राजदूत शामिल हैं. इसके अलावा किर्गिस्तान, मैक्सिको, नामीबिया, द नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड, रवांडा, स्लोवाकिया, ताजकिस्तान, यूगांडा एवं उज्बेकिस्तान के राजदूत भी इस जत्थे के हिस्से के रूप में कश्मीर आये हैं.  पिछले एक महीने में केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर आये विदेश राजनयिकों का यह दूसरा जत्था है.
इससे पहले सरकार 15 विदेशी राजनयिकों का एक दल जम्मू कश्मीर के दौरे पर ले गयी थी.

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