Budget 2021JharkhandRanchi

बजट पर व्यापारियों की राय: झारखंड-बिहार के लिए कुछ खास नहीं, बंगाल को मिला चुनाव का फायदा

  • कुछ व्यापारियों ने कहा- बजट में राजनीतिक झलक देखी गयी
  • कई पहलुओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए

Ranchi : बजट 2020-21 सोमवार को पेश किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया. स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा समेत अन्य सेक्टरों में बजट बढ़ाया गया. कोरोना के बाद केंद्र सरकार का यह पहला बजट रहा.

इसके पहले कोरोना लॉकडाउन के लिए लोगों को राहत देने के लिए विशेष पैकेजों की घोषणा की गयी थी. जिसमें किसान, मजदूर और लघु कुटीर उद्योगों पर अधिक फोकस किया गया. बावजूद इसके उद्योगों को लॉकडाउन के बाद खस्ता हाल में देखा गया.

जिससे ये अब तक नहीं उभर पाये हैं. ऐसे में व्यापारी वर्ग की बजट में खास नजर रही. व्यापारियों ने बजट पर प्रतिक्रिया भी दी. पढ़िये व्यापारियों ने क्या कहा.

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झारखंड बिहार को कुछ विशेष नहीं

पूर्व चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर ये बजट काफी अचछा है. टेक्सटाइल पार्क समेत हर सेक्टर को कुछ न कुछ मिला. लेकिन राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो जानकारी होती है कि पूर्वी राज्यों को इससे कुछ खास नहीं मिलेगा.

बंगाल में चुनाव होने के कारण राज्य को बजट में शामिल किया गया. लेकिन झारखंड और बिहार के लिए इसमें कुछ नहीं है. देखा जाये तो राज्य के आयरन मिनरल, माइका आदि का इस्तेमाल कर आनेवाले तीन सालों में राजस्व बढ़ाया जा सकता था.

लेकिन इसे शामिल नहीं किया गया. ऐसे में राज्य सरकार और चेंबर जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि अब वो कुछ बेहतर करें.

एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया जाये

कुणाल आजमानी ने कहा कि सरकार ने किसानों, मजदूरों के लिए अधिक घोषणा की. जो बेहतर है. ये घोषणा कोरोना के दौरान हुई घोषणाओं से भी अधिक है. उद्योगों की बात करें तो मैन्यूफैक्चरिंग पर फोकस किया गया है.

लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जाये तो एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना चाहिए. कुणाल ने कहा 2019 में भी अर्थव्यवस्था चरमरायी हुई थी. 2020 में कोरोना का कहर देखा गया.

ऐसे में एक्सपोर्ट बढ़ाने से ही देश विदेश से आय होगी और अर्थव्यवस्था पटरी में आयेगी. उन्होंने कहा कि टूरिज्म आदि को प्रमोट किया गया है. जो बेहतर है.

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रेलवे-एयरपोर्ट का निजीकरण गंभीर हो सकता है

चेंबर कार्यसमिति सदस्य विकास विजयवर्गीय ने कहा कि बजट संतुलित है. राजनीति झलक ज्यादा देखने को मिली. किसान, बंगाल आदि मुद्दों को राजनीति को ध्यान में रखते हुए शामिल किया गया.

वहीं रेलवे और एयरपोर्ट के निजीकरण के अच्छे और बुरे दोनों परिणाम हो सकते हैं. इससे अर्थव्यवस्था को नयी दिशा मिलेगी. जो गंभीर भी हो सकते हैं. सरकार को एक कमेटी बना कर इस पर गहन अध्ययन करना चाहिए. व्यापारी वर्ग के लिए बहुत कुछ है नहीं. जबकि कोरोना के दौरान व्यापारियों को अधिक नुकसान हुआ.

जीएसटी के बदलावों पर ध्यान नहीं दिया

पवन शर्मा ने कहा कि बहुत सी अच्छी घोषणाएं शामिल हैं. 75 वर्ष की उम्र से अधिक के लोगों को टैक्स में छूट दी गयी है. लेकिन जीएसटी के कुछ प्रावधानों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. जिससे व्यापारी परेशान हैं. वहीं नयी टोल टैक्स नीति जिसके तहत एक दिन में मात्र दो सौ किलोमीटर की ही अनुमति दी जा रही है. इस पर सुधार की जरूरत है. जिस पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया.

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