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धनबाद में बिजली संकट को लेकर व्यवसायियों का आंदोलन जारी, विधायक ने दिया नैतिक समर्थन

Dhanbad : धनबाद सहित आसपास के इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गयी है. शहरी क्षेत्रों में रोजाना 10-12 घंटे बिजली की कटौती की जा रही है तो वहीं ग्रामीणों क्षेत्रों की स्थिति तो और बदहाल है. जहां रोजाना 15-16 घंटे बिजली की कटौती की जा रही है. सुबह होते ही लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. बिजली कटौती से आम लोगों के साथ व्यापार से जुड़े व्यवसायियों को भी जनरेटर में डीजल के रूप में नुकसान उठाना पड़ रहा है. पावर कट के चलते आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों में डीजल की खपत हाल के महीनों में काफी बढ़ गयी है. वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर डीजल के ऊपर अत्यधिक निर्भरता पर्यावरण पर बुरा असर डाल रहा है. इधर, झरिया और सिंदरी में गंभीर बिजली संकट जारी है. कई दिनों से लाखों लोग बिजली की लचर व्यवस्था के कारण त्राहिमाम कर रहे है. देखा जाए तो बिजली संकट के कारण पूरा धनबाद ‘आंखों में नींद लिए घूम रहा’ है.

घर में ना बच्चे सो पा रहे हैं ना बुजुर्ग. बिजली आती नहीं कि चली जाती है. यह स्थिति किसी एक दिन की नहीं है बल्कि महीनों से यह स्थिति बनी हुई है. कभी भुगतान के लिए डीवीसी कटौती करता है तो कभी लाइन में खराबी के कारण बिजली वितरण निगम लाइन काट देता है. डीवीसी और बिजली वितरण निगम के बीच यहां के उपभोक्ता पिस रहे हैं.

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धनबाद विधायक राज सिंहा भी उपवास कार्यक्रम में शरीक होकर व्यवसायियों के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया. आंदोलन की अगुवाई कर रहे चेंबर के संरक्षक सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि बिजली से केवल व्यवसाई ही नहीं, आम लोग, हॉस्पिटल चलाने वाले, अपार्टमेंट में रहने वाले सभी परेशान हैं. अचानक 400 यूनिट के ऊपर सब्सिडी खत्म कर दी गई है. जनता के ऊपर बोझ बढ़ा दिया गया है. इससे उपभोक्ता का बिजली बिल डेढ़ गुना हो गया है.

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बैंक मोड़ चेंबर महासचिव प्रमोद गोयल ने कहा, जिस तरह की बिजली की घोर समस्या आ गई है व्यापार, घर गृहस्थी, बच्चों की पढ़ाई, लोगों का स्वास्थ्य चिंताजनक हालात में पहुंच गया है. प्रमोद गोयल ने कहा कि आंदोलन तभी कोई करता है जब हालात बेकाबू हो जाते है. इनका कहना है कि धनबाद को उगाही का केंद्र बना लिया गया है.

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परेशानी के खिलाफ कोई कुछ बोलता ही नहीं है, ऐसे में लोगों को चैम्बर से भारी उम्मीद होती है. बिजली में सुधार नही हुआ तो बैंक मोड़ चैम्बर सड़क पर उतरने को बाध्य हो जायेगा और आगे बृहद आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी.

सांसद पशुपतिनाथ सिंह का मिला समर्थन

धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर व्यवसायियों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि बिजली संकट के कारण आमजनों का जीना हराम है. लगातार आंदोलन के बाबजूदबिजली विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी है. सांसद ने बिजली विभाग पर कड़ा तेवर दिखाते हुए लिखा है कि विभाग को एक नई बीमारी लग गई है. बिजली बिल नहीं भेज कर सब्सिडी से वंचित कर दिया है. इससे उपभोक्ताओं को छुट लाभ नहीं मिल रहा है. सांसद ने कहा कि राज्य सरकार जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है. पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से जनता को वंचित कर रही है.

आज के उपवास कार्यक्रम में बैंक मोड़ चैम्बर अध्यक्ष प्रभात सरोलिया सचिव प्रमोद गोयल पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र अरोरा जिला अध्यक्ष चेतन गोएनका महासचिव अजय लाल जीता महासचिव राजीव शर्मा राजेश गुप्ता लोकेश अग्रवाल संदीप मुखर्जी धनबाद विधायक राज सिन्हा जी सांसद प्रतिनिधि नितिन भट्ट भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह सुदर्शन जोशी सुरेश अग्रवाल सुशील नारनोली बलबीर सिंह राजपाल सोहराब खान नरेश खेरिया राजीव थंब अमर कुमार नितेश बजानिया जितेन्द्र सोनी बजरंग अग्रवाल संतोष गुप्ता राजेश टंडन सीटू अग्रवाल सन्नी सलूजा मनमीत सिंह अशोक अरोड़ा राकेश चौहान दर्शन वोरा सुशील सांवरिया आलोक रूंगटा श्रवण कुमार सुनील अग्रवाल अनिल अग्रवाल परेश सेठ उज्ज्वल कुमार रमेश चंडक सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे.

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