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रेलकर्मियों के कल्याण कोष से शुरू हुई बस सेवा 2 वर्ष से बंद, बच्चों और कर्मियों में आक्रोश

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Palamu : रेलकर्मियों के बच्चों को लाने ले जाने के लिए शुरू की गयी बस सेवा पिछले दो वर्ष से बंद पड़ी है. बस खड़े-खड़े कबाड़ में तब्दील होते जा रही है. बस सेवा को पुनः शुरू कराने में रेलवे के जिम्मेवार अधिकारियों और यूनियन नेताओं का इस ओर कोई ध्यान नहीं रह गया है. बच्चों को स्कूल भेजने में रेलकर्मियों को जहां भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.

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बस चलाने के पीछे क्या थी रेलवे की सोच?

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दरअसल, बरवाडीह में रेलवे के कई बड़े पदाधिकारियों का आवास है. रेलवे कॉलोनी से रोजाना लगभग दो दर्जन से अधिक बच्चे डालटनगंज के विभिन्न स्कूलों में पढ़ायी करने जाते हैं. इसे देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल कर्मचारी कल्याण कोष के तहत वर्ष 2013-14 में बस सेवा की शुरुआत की गयी. इसका लाभ रेलवे कर्मचारी के बच्चों को साथ साथ स्थानीय लोगों के बच्चों को भी मिल रहा था. बस सेवा से बच्चों का डालटनगंज सुरक्षित आना जाना हुआ करता था.

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बस दुर्घटना के बाद सेवा हुई ठप

दो-तीन साल तक बस के चलने के बाद वर्ष 2017 में एक सड़क दुर्घटना के बाद बस को पुलिस जब्त कर ली. काफी प्रकिया के बाद बस को बीते वर्ष बाद निकाला गया. हालांकि इस कार्य के लिए रेल यूनियन के कई नेताओं ने अपनी पीठ खूब थपथपायी. वही लंबे समय के बाद बस के निकलने के बाद स्कूली बच्चों को फिर से बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जगी, लेकिन बस के साथ वही कहावत चरितार्थ हुई, ‘आसमान से गिरे और खजूर पर अटके.’ यानी बस को बच्चों की सेवा के लिए फिर से निकाला तो गया पर बस के निकलने के बाद ठीक-ठाक नहीं रहने के कारण उसे रेलवे के विद्युत कार्यालय परिसर में खड़ा कर दिया गया.

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छह माह से धूल फांक रही बस

पिछले 6 महीने से अधिक समय से बस विद्युत कार्यालय परिसर में खड़ी है और धूल फांक रही है. मजबूरन रेलकर्मियों को अपने बच्चों को किराए के वाहन से मोटी रकम खर्च कर डालटनगंज भेजना और लाना पड़ रहा है. रेलकर्मियों की हक अधिकार की बात करने वाले रेल यूनियन के नेता बस को दुरूस्त कराने से बचते फिर रहे हैं. इससे रेलकर्मियों के साथ-साथ उनके बच्चे काफी निराश और मायूस हैं.

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बस की तकनीकी खराबी दूर करने के लिए पैसों का अभाव : सुनील  

रेल यूनियन के शाखा सचिव सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी खराबी आ जाने के कारण बस सेवा शुरू नहीं हो पा रही है. इसे दूर करने में पैसों का अभाव है. लेकिन बहुत जल्द तकनीकी खराबी दूर कर बस सेवा प्रारंभ की जायेगी.

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